30 अक्टूबर 2026,

शुक्रवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Friday Special: शुक्रवार से शुरु करें इस स्तोत्र का पाठ, चमत्कारिक फल मिलने के साथ ही दूर होगी धन की कमी

10 मिनट के इस स्तोत्र का लगातार 40 दिनों तक करना है पाठ....
3 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

भोपाल

•

image

Deepesh Tiwari

•

Updated: 9 Jul 2021, 9:50 AM IST

lakshmi_ji_on_friday

friday lakshmi puja

सनातन संस्कृति में सप्ताह के हर वार यानि हर दिन का संबंध किसी न किसी देव से अवश्य माना गया है, ऐसे में आज के दिन शुक्रवार को जहां ज्योतिष में भाग्य के कारक ग्रह शुक्र से जोड़ा जाता है, वहीं सनातन संस्कृति में इस दिन की कारक देवी धन-धान्य की देवी माता लक्ष्मी हैं। चूंकि माता लक्ष्मी को धन की देवी माना जाता है, तो ऐसे में हर कोई माता लक्ष्मी को प्रसन्न कर जीवन भर धन-धान्य से परिपूर्ण रहना चाहता है।

ऐसे में अमावस्या के चलते यह 9 जुलाई का शुक्रवार और भी ज्यादा खास हो गया है। क्योंकि एक ओर जहां इस दिन की कारक देवी माता लक्ष्मी स्वयं हैं, वहीं माता लक्ष्मी को अमावस्या तिथि काफी प्रिय मानी जाती है। और यह अमावस्या का दिन भी आज ही है।

Read More- अमावस्या : इन देवी मां को पसंद है ये दिन, ऐसे करें प्रसन्न

ऐसे में आज हर कोई देवी मां लक्ष्मी को प्रसन्न करने की कोशिश करेगा। जिससे मां को प्रसन्न कर अधिक से अधिक अर्थ यानि धन वह कमा सके। ऐसे में ज्योतिष के जानकार पंडित एके शुक्ला के अनुसार धार्मिक और ज्योतिषीय ग्रंथों में पैसा प्राप्त करने के लिए अनेक उपाय बताए गए हैं जिनके संबंध में माना जाता है कि ये बेहद कारगर सिद्ध होते हैं।

पंडित शुक्ला के मुताबिक धन-संपत्ति के लिए देवी लक्ष्मी की कृपा बहुत जरूरी है। उनके आशीर्वाद के बिना जीवन में हमेशा पैसों की तंगी बनी रहती है। और ऐसे में केवल देवी लक्ष्मी की आराधना करके ही उनकी कृपा प्राप्त की जा सकती है और उनकी कृपा से धन-संपति, दौलत-वाहन, स्त्रीसुख आदि प्राप्त हो सकेंगे।

जानकारों का कहना है कि देवी लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने के लिए अधिकतर श्रीसूक्त का पाठ किया जाता है। देवी मां लक्ष्मीजी को प्रसन्न करने के लिए यह स्त्रोत बेहद सरल होने के साथ ही अत्यधिक कारगर भी है।

Read More- जुलाई में दो अमावस्या, जानें किस दिन क्या करना रहेगा विशेष?

वहीं यह भी कहा जाता है कि यह श्रीसूक्त स्तोत्र बहुत प्रभावकारी तो है लेकिन सबसे बेहतरीन फल तभी देता है जब इसका पाठ पूरी श्रद्धा, मनोयोग से किया जाना चाहिए। धन प्राप्ति के लिए यह बेहद फलदायी स्तोत्र माना गया है। कहा जाता है कि संभव हो तो जीवन भर यह पाठ करें, इसका फल जरूर मिलता है।

पंडित शुक्ला के अनुसार ये भी माना जाता है कि यदि कोई जातक शुक्ल पक्ष के किसी भी शुक्रवार से इसका पाठ शुरु करें और रोज 40 दिनों तक लगातार श्रद्धापूर्वक यह पाठ करना चाहिए। इसके बाद उसे श्रीसूक्त का प्रभाव प्रत्यक्ष दिखाई देने लगता है।

इसके तहत शुक्रवार को माता लक्ष्मी की विधिविधान से पूजा करें। उन्हें 16 बिल्व पत्र और 16 कमलगट्टा अर्पित करें। लक्ष्मीजी को कमल का या गुलाब का फूल चढ़ाएं और फिर श्रीसूक्त की शुरुआती 16 ऋचाओं का पाठ करें।

जानकारों के अनुसार श्रीसूक्त की शुरुआती 16 ऋचाओं का पाठ बमुश्किल 10 मिनिट में पूरा हो जाता है लेकिन यह प्रयोग जीवन में धन की कमी हमेशा के लिए दूर कर देता है।