(5) जन्माष्टमी पर रात 12 बजे भगवान को केसर मिश्रित दूध से अभिषेक करें। प्रसाद में उन्हें केसर तथा लौंग अर्पित कर क्लीं मंत्र की 11 माला जप करें। बाद में प्रसाद रूपी केसर का रोजाना नियमित रूप से नाभि तथा सिर पर तिलक लगाएं। इससे सभी लोगों का आकर्षण होता है।