
masik shivratri May 2021
योग की शुरुआत करने वाले भगवान शिव को आदियोगी भी कहा जाता है। वहीं भगवान शिव को Sanatan Dharma में संहार का देवता माना गया है।
ऐसे में भगवान शिव के साल में अनेक पर्व आते हैं, जैसे प्रदोष, शिवरात्रि और सावन का महीना। जिनमें सबसे महत्वपूर्ण महाशिवरात्रि को माना जाता है, वहीं हर माह भी मासिक शिवरात्रि का पर्व आता है। ऐसे में इस माह यानि मई 2021 में रविवार, 9 मई को मासिक शिवरात्रि पड़ रही है।
पौराणिक कथाओं और धार्मिक ग्रंथों के अनुसार Lord shiv महाशिवरात्रि के दिन मध्य रात्रि के समय शिव-लिंग के रूप में प्रकट हुए थे। जिसके बाद सबसे पहले भगवान ब्रह्मा और भगवान विष्णु ने उनकी पूजा की थी।
वहीं पुराणों में भी शिवरात्रि व्रत का ज़िक्र किया गया है। शास्त्रों के अनुसार माता लक्ष्मीं, सरस्वती, गायत्री, सीता, पार्वती तथा रति जैसी बहुत-सी देवियों और रानियों ने भी शिवरात्रि का व्रत किया था।
वहीं मासिक शिवरात्रि जीवन में सुख और शांति प्रदान करने वाला माना गया है और इस दिन व्रत करने से भगवान शिव की कृपा दृष्टि के चलते उपासक के सारे बिगड़े काम बन जाते है। यह व्रत संतान प्राप्ति, रोगों से मुक्ति के लिए भी किया जाता है।
मासिक शिवरात्रि को संन्यासियों और योगियों सहित गृहस्थों के लिए भी बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन शिव भक्त व्रत भी करते हैं। मान्यता है कि इस दिन lord shankar का ध्यान करने से मानसिक शांति मिलती है।
माना जाता है कि यह पर्व न केवल उपासक को अपनी इंद्रियों को नियंत्रित करने में मदद करता है, बल्कि उसे क्रोध, ईर्ष्या, अभिमान और लालच जैसी भावनाओं को रोकने में भी सहायता करता है।
इसके अलावा अविवाहित लोग एक योग्य साथी की प्राप्ति के लिए भी इस दिन भगवान Bholenath की पूजा करते हैं। कुल मिलाकर यह विरक्त और गृहस्थ् दोनों ही तरह के लोगों की इच्छाओं की पूर्ति करता है।
इस बार यह पर्व रविवार, 09 मई 2021 को पड़ रहा है। इस दिन Lord Shiva और माता पार्वती की पूजा की जाती है। वहीं इस बार दो शुभ योगों ने इस पूजा को अति विशेष बना दिया है।
दरअसल इस बार Masik Shivratri पर 09 मई 2021 को ज्योतिष के अनुसार अति शुभ प्रीति व आयुष्मान योग बन रहे हैं। माना जाता है कि इस योग में किया गया कोई भी कार्य असफल नहीं होता है। ऐसे में इस बार रविवार को 08:43 PM तक प्रीति योग रहेगा, जबकि इसके ठीक बाद से आयुष्मान योग आरंभ हो जाएगा।
09 मई को मासिक शिवरात्रि का शुभ मुहूर्त : Masik Shivratri shubh muhurat
मासिक शिवरात्रि : रविवार, 09 मई को चतुर्दशी
शुरू – 19:30, 09 मई 2021
समाप्ति – 21:55, 10 मई 2021
मासिक शिवरात्रि के दिन भगवान शिव को बेलपत्र, दूध और जल अर्पित करना अतिशुभ माना गया है। मान्यता के अनुसार इस दिन भगवान शिव प्रसन्न होकर भक्त की सभी मनोकामनाओं को पूरा करते हैं। वहीं Mata Parvati भी भक्तों को शक्ति का वरदान देती हैं।
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए हर माह शिवरात्रि के दिन उनके भक्तों द्वारा व्रत रखा जाता है।
मासिक शिवरात्रि की व्रत विधि : Puja Vidhi of masik shivratri ...
इस दिन सुबह ब्रह्म मुहूर्त में स्नान करने के बाद व्रत का संकल्प लें, इसके बाद भगवान शिव, माता पार्वती और भगवान गणेश, कार्तिकेय और नंदी की पूजा करें। इस दिन भोलेनाथ का अभिषेक करने से विशेष फल प्राप्त होता है।
अभिषेक के दौरान भगवान शिव की प्रिय चीजों का भोग लगाएं और शिव चालीसा और शिव मंत्रों का जाप करें। वहीं शिव पूजा करते समय आप शिव पुराण, शिव स्तुति, शिव अष्टक, शिव चालीसा और शिव श्लोक का पाठ करें।
: मासिक शिवरात्रि के दिन व्रत धारण करने वाले व्यक्ति को सूर्योदय से पहले उठकर नित्यकर्म कर स्नान ध्यान के बाद घर के पूजा स्थान को भी साफ करना चाहिए।
: इस दिन भक्त को घर या मंदिर के शिवलिंग का घी, दूध, शहद, दही, जल आदि से रुद्राभिषेक करना चाहिए।
: मासिक शिवरात्रि के दिन शिवलिंग या शिव जी की प्रतिमा को बेलपत्र, श्रीफल, धतूरा आदि अर्पित करना चाहिए।
: इस दिन व्रत के दौरान व्यक्ति को शिव साहित्य या शिव जी के मंत्रों का जाप करना चाहिए। वहीं शाम के वक्त भगवान शिव की पूजा करने के बाद प्रसाद बांटना चाहिए और स्वयं भी ग्रहण करना चाहिए। इसके बाद फलहार करना चाहिए।
: व्रत के अगले दिन दान-पुण्य करना उचित माना जाता है।
: इसके उपरांत शिव जी की पूजा के बाद व्रत खोलना चाहिए।
: इस दिन हनुमान चालीसा का पाठ करना भी शुभ माना जाता है।
: यदि समर्थ हैं तो इस दिन किसी शिव मंदिर में जाकर पूजा करना अति शुभ माना जाता है।
मासिक शिवरात्रि व्रत के दिन क्या करें व क्या न करें...
भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए इस दिन व्रत धारण करने वाले व्यक्ति को कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए।
: इस दिन सुबह जल्दी उठें।
: इस दिन ब्रह्मचर्य का पालन करें।
: किसी का अपमान न करें।
: मांस-मदिरा और मांसाहार का सेवन व्रत से एक दिन पहले और एक दिन बाद भी न करें।
: इस दिन इंद्रियों पर संयम रखें।
: माता-पिता और गुरुजनों के साथ गलत व्यवहार न करें।
: बुरे विचार मन में न लाएं।
: असत्य बोलने से बचें।
: शरीर के साथ ही मन की शुद्धता को भी बरकरार रखें।
: दिन के समय इस दिन न सोएं।
Published on:
07 May 2021 05:15 pm
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