
वैशाख अमावस्या 2024 पर यह काम जरूर करना चाहिए।
पंचांग के अनुसार वैशाख अमावस्या तिथि की शुरुआत मंगलवार 7 मई 2024 को सुबह 11:43 से हो रही है और यह तिथि 8 मई 2024 को सुबह 8.53 बजे संपन्न हो रही है। इसलिए वैशाख अमावस्या 7 मई को मनाई जाएगी। पंचांग के अनुसार वैशाख का महीना हिंदू कैलेंडर का दूसरा महीना है।
मान्यता है कि इसी तिथि से त्रेता युग की शुरुआत हुई थी, इस कारण वैशाख अमावस्या का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है। वैसे दक्षिण भारत में वैशाख अमावस्या पर शनि जयंती मनाई जाती है। यह दिन धर्म-कर्म, स्नान-दान और पितरों के तर्पण के लिए बेहद शुभ मानी जाती है। इस दिन काल सर्प दोष से मुक्ति पाने के लिए खास ज्योतिषीय उपाय बेहद लाभदायक होते हैं।
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार हर अमावस्या पर पितरों की मोक्ष प्राप्ति के लिए व्रत रखना चाहिए। साथ ही इस दिन ये कुछ खास उपाय करें तो पितर प्रसन्न होते हैं और कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है।
प्राचीन कथा के अनुसार प्राचीन काल में धर्मवर्ण नाम का ब्राह्मण था। वे बहुत ही धार्मिक थे और ऋषि-मुनियों का आदर करते थे। एक बार उन्होंने किसी महात्मा से सुना कि कलियुग में भगवान विष्णु के नाम स्मरण से ज्यादा पुण्य किसी भी काम में नहीं है। धर्मवर्ण ने इस बात को गांठ बांध ली और सांसारिक जीवन छोड़कर संन्यास लेकर भ्रमण करने लगे। एक दिन घूमते हुए वह पितृलोक पहुंचे। वहां धर्मवर्ण के पितर बहुत कष्ट में थे। पितरों ने उसे बताया कि उनकी ऐसी हालत तुम्हारे संन्यास के कारण हुई है। क्योंकि अब उनके लिए पिंडदान करने वाला कोई शेष नहीं है।
यदि तुम वापस जाकर गृहस्थ जीवन की शुरुआत करो, संतान उत्पन्न करो तो हमें राहत मिल सकती है। साथ ही वैशाख अमावस्या के दिन विधि-विधान से पिंडदान करो। धर्मवर्ण ने उन्हें वचन दिया कि वह उनकी अपेक्षाओं को अवश्य पूर्ण करेगा। इसके बाद धर्मवर्ण ने संन्यासी जीवन छोड़कर पुनः सांसारिक जीवन को अपनाया और वैशाख अमावस्या पर विधि विधान से पिंडदान कर अपने पितरों को मुक्ति दिलाई।
Published on:
06 May 2024 03:49 pm
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