
तराजू के पलड़ों में झोल, सामान की कम हो रही तौल
तराजू के पलड़ों में झोल, सामान की कम हो रही तौल
- खुलेआम घटतौली कर रहे दुकानदार, तौल पर 40 से 70 ग्राम कम वजन
- तराजू के पलड़ों में बांध रहे वजन वाली पोटली, ठग रहा ग्राहक
- बांट-माप विभाग नहीं कोई अधिकारी, कार्यवाहक अधिकारी भी पल्ला झाड़ रहे
धौलपुर. जिले में सिर्फ एक-दो ठेलों पर ही सामान की तौल में खेल नहीं हो रहा है। बल्कि बड़े स्तर पर घटतौली हो रही है। बांट-माप विभाग पर मनमानी रोकने का जिम्मा है। लेकिन ये है भी या नहीं, इसकी लोगों को जानकारी तक नहीं है। तराजू को देखने के लिए कोई अधिकारी नहीं हैं। हाल ये है कि अधिकारी एक-दूसरे विभागों के अधिकारी पर जिम्मा टाल रहे हैं। हर कोई जिम्मेदारी से बचने का प्रयास कर रहा है और नुकसान ग्राहकों को उठाना पड़ रहा है। पत्रिका टीम ने शनिवार को शहर में पुरानी सब्जी मंडी, गुलाब बाग चौराहा, संतर रोड सहित अन्य स्थानों पर जाकर देखा तो यहां पर सडक़ किनारे फल, सब्जी सहित अन्य सामग्री की तौल करने वाले हथठेल की पड़ताल की तो घटतौली करने के अलग-अलग जुगाड़ सामने आए। शहर के बाजार में ज्यादातर हथठेल वालों ने तरजू के पलड़ों के नीचे पोटली बंाध रखी थी। तौल कराने पर इनका वजन 40 से 70 ग्राम कम मिला। सुबह से शाम तक ये ग्राहकों के साथ घटतौली कर उनको चपत लगाते हैं। जिससे ग्राहको को तय वजन से सामग्री नहीं मिल पाती है। लेकिन जिम्मेदार नींद में है, उन्हें कोई परवाह नहीं है। लेकिन अब मंत्रिमण्डल का गठन होने से आमजन को प्रशासन के चुस्त होने की उम्मीद जगी है।
डिब्बे के साथ तौलते मिठाई
शहर के मिष्ठान विक्रेता भी घटतौली में पीछे नहीं हैं। ग्राहकों के लिए मिष्ठान को हमेशा डिब्बे में रखकर ही तौलते हैं। खाली डिब्बे का वजन 35 से 40 ग्राम तक होता है। जबकि कुछ मिठाई के खाली डिब्बे 50 से 70 ग्राम तक के होते हैं। ग्राहकों को जानकारी नहीं होने का फायदा उठाकर दुकानदार हर तौल पर 40 स 70 ग्राम तक मिठाई चोरी कर लेता है। अगर कोई इसका विरोध करता है। तो उसे काफी समस्या बता देते हैं।
एक दूसरे विभाग पर दे रहे जिम्मेदारी
शहर में जिला उद्योग केन्द्र कार्यालय में चल रहा विधिक माप विज्ञान विभाग में वर्तमान में कोई तैनात नहीं है। इससे पहले यहां पर राम चंद्र त्रिपाठी तैनात थे उन्होंने बताया कि उनका झुन्झुनू जिले में तबादला हो गया। यहां पर वर्तमान में किसको चार्ज दिया वह नहीं बता सके। जिला उद्योग केन्द्र के स्टाफ ने बताया कि जिला रसद विभाग इसको देख रहा है। लेकिन वह भी इस विभाग से इनकार कर रहे हंै। सभी टाल-मटोल करते दिखे। कोई जिम्मेदारी लेने को तैयार नहीं था, यानी उक्त विभाग को लावारिस छोड़ रखा है।
एक नजर में स्थिति
- 650 से ज्यादा जिले में छोटी-बड़ी मिष्ठान दुकानें।
- 380 से ज्यादा अकेले शहर में ही हैं।
- 270 से ज्यादा हथठेल वाले शहर में दुकान लगाते हैं।
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केस 1:
शहर की पुरानी सब्जी मंडी में शनिवार को सब्जी ले रहे ग्राहकों को दुकानदार उनके सामने ही चपत लगाते दिख रहे थे। तराजू में कपड़े की पोटली बनाकर बांधे हुए थे। जिससे हर बार आने वाले ग्राहकों को 50 से 80 ग्राम तक कम मिलती सामग्री।
केस 2:
शहर में निहालगंज के पास बनी सब्जी मंडी में सब्जी बेच रहे हथठेल वाले तराजू में घटतौली करने के लिए वह पलड़ों में काली पोटली बांधे हुए थे। जिससे हर सामान खरीदने वाले ग्राहक को कम सामान दे सकें। जिससे उन्हें ज्यादा फायदा हो।
Published on:
31 Dec 2023 05:35 pm
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