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सौ रुपए में फ्रिज को मात…और रखेंगा सेहत का ख्याल

-डिजाइनदार और नल लगे मटके, सुराही मोह रहे लोगों का म   -बढ़ती गर्मी के साथ बढ़ी मिट्टी के मटके और सुराही की मांग

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 Beat the fridge in just 100 rupees and take care of your health

सौ रुपए में फ्रिज को मात...और रखेंगा सेहत का ख्याल

धौलपुर. आज के दौर में फ्रिज का महत्व बढ़ गया है। खासकर गर्मी के मौसम में शीतल पेय के लिए लोग फ्रिज का उपयोग करते हैं। इसके बावजूद आज भी परंपरागत मिट्टी के बर्तनों का काफी महत्व है और इसकी मांग गर्मी में बढ़ जाती है। यही कारण है कि गर्मी के मौसम में मिट्टी के घड़े एवं सुराही की मांग सबसे ज्यादा रहती है। मिट़्टी के बर्तनों का पानी स्वास्थ्य के लिए भी लाभदायक माना जाता है। स्थानीय कुंभकारों के अलावा आस-पास क्षेत्र से भी घड़े व्यापारी शहर में व्यापार के लिए आ रहे हैं।

इस सीजन में ग्रामीण क्षेत्रो में ही नहीं बल्कि शहरी क्षेत्रों में भी मिट्टी के घड़े की जमकर मांग रहती है। यहीं कारण है कि गर्मी के सीजन में मिट्टी के घड़े का व्यापार जमकर चलता है। गर्मी का मौसम शुरू होते ही देशी फ्रिज के नाम से मशहूर मिट्टी के मटकों की मांग बढ़ गई है। शहर में जगह-जगह मिट्टी के बर्तनों की दुकानें सज गई हैं। जैसे-जैसे गर्मी बढ़ रही है शहर की सडक़ों पर मटकों की दुकानों की संख्या लगातार बढ़ रही है, जिन पर अलग-अलग वैरायटी के मटके हैं और मटकों की कीमत 100 से 250 रुपए के तक है। कलात्मकता और नई डिजाइन के चलते लोग इन मटकों को पसंद कर रहे हैं।

डिजाइनदार सुराही और नल लगे मटके

शहर में आरएसी लाइन के साथने पुल के नीचे सजी दुकानों में सामान्य मटकों के साथ ही रंगीन पच्चीकारी, फूल-पत्तियों की डिजाइन बनी हुई है। कहीं सुराईदार मटकों की बहार है तो कहीं चौड़े मुंह और गोलाइदार मटकों के साथ ही पक्षियों के लिए माटी के परिंदें बिक रहे हैं। कई मटकों में नल की टौंटी भी लगी है। शादी, विवाह व शुभ कार्यों में काम आनेवाली मिट्टी के रंगीन व डिजाइनदार कलश की भी काफी डिमांड है।

छोट से लेकर बड़े साइज में मटके

समय के साथ मटका और सुराही की कीमतों में भी तेजी आई है। मटका व्यवसायी संजीव कुमार ने बताया कि बाजार में 100 से दो सौ रुपए तक के मटके उपलब्ध हैं। वह बताते हैं कि मटके बनाने के लिए मिट्टी भी बड़ी मुश्किल से मिलती है। मिलती है तो वह भी बहुत महंगी। वहीं इस वक्त के डिजाइनदार मटकों में समय और धन ज्यादा खर्च होता है। जिस कारण मटकों के भाव बढ़ गए हैं।

स्वादयुक्त होता है पानी

मटके की खरीदारी कर रहे ओडेला रोड निवासी अमोद कुमार ने बताया कि घर में फ्रिज भी है, लेकिन हमें मटके का पानी पीने की ही आदत है। मटके का पानी शीतल रहने के साथ-साथ बेहतर स्वाद युक्त होता है। मिट्टी के बर्तन को शुद्ध माना गया है। इसमें पानी रखने से शीतलता के साथ-साथ स्वाद में अच्छा लगता है।

क्या कहते हैं चिकित्सक

वरिष्ठ फिजीशियन डॉ. दीपक जिंदल ने बताया कि स्वास्थ्य के लिए मिट्टी के घड़े का पानी उत्तम होता है। मेडिकल साइंस भी इस बात को मानता है। उन्होंने बताया कि फ्रिज के पानी के मुकाबले मटके के पानी की तासीर ज्यादा अच्छी होती है। मटके के पानी का अलग ही स्वाद होता है। मटके का पानी पीने से सर्दी, खासी की भी शिकायत नहीं होती है। मिट्टी में ऐसे कई तत्व होते हैं जो रोगों से लडऩे की क्षमता पैदा करते हैं।