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गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनेगा धौलपुर, एक ओर भरेगा देवछठ का मेला तो, दूसरी ओर होगा पहाड़ वाले बाबा का उर्स

- मेले व उर्स के लिए मेला अधिकारी तथा मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त धौलपुर. सांप्रदायिक एकता के लिए पहचाना जाने वाला हमारा धौलपुर सितंबर माह की शुरुआत में देश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनेगा। दरअसल, धौलपुर स्थित तीर्थराज मचकुंड पर 1 व 2 सितंबर को देव छठ मेले का आयोजन किया जाना हैं। उसी दिन मचकुंड रोड स्थित पहाड़ वाले बाबा का सालाना उर्स तथा मजार पर मुशायरा व कव्वाली कार्यक्रम भी आयोजित होगा।

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Dholpur will become an example of Ganga-Jamuni tehzeeb - on the one hand the fair of Devchath will be filled, on the other hand there will be the Urs of the mountain Baba.

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनेगा धौलपुर, एक ओर भरेगा देवछठ का मेला तो, दूसरी ओर होगा पहाड़ वाले बाबा का उर्स

गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनेगा धौलपुर, एक ओर भरेगा देवछठ का मेला तो, दूसरी ओर होगा पहाड़ वाले बाबा का उर्स

- मेले व उर्स के लिए मेला अधिकारी तथा मेला मजिस्ट्रेट नियुक्त

धौलपुर. सांप्रदायिक एकता के लिए पहचाना जाने वाला हमारा धौलपुर सितंबर माह की शुरुआत में देश की गंगा-जमुनी तहजीब की मिसाल बनेगा। दरअसल, धौलपुर स्थित तीर्थराज मचकुंड पर 1 व 2 सितंबर को देव छठ मेले का आयोजन किया जाना हैं। उसी दिन मचकुंड रोड स्थित पहाड़ वाले बाबा का सालाना उर्स तथा मजार पर मुशायरा व कव्वाली कार्यक्रम भी आयोजित होगा। जिला कलक्टर अनिल कुमार अग्रवाल ने बताया कि मेले तथा उर्स के दौरान कानून व्यवस्था व सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने के लिए अतिरिक्त जिला कलक्टर सुदर्शन सिंह तोमर को मेला अधिकारी तथा उपखंड अधिकारी धौलपुर भारती भारद्वाज को मेला मजिस्ट्रेट नियुक्तकिया गया है।

इनकी सहायता के लिए प्रशिक्षु आरएएस दीपक खटाना, कुणाल राहड़ तथा तहसीलदार भगवतशरण त्यागी को सहायक मेला मजिस्ट्रेट के रूप में नियुक्त किया गया है।उमड़ती है लाखों की भीड़देवछठ पर मचकुंड पर लगने वाले मेले में राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्यप्रदेश समेत कई राज्यों से लाखों की श्रद्धालु मचकुंड सरोवर में स्नान और परिक्रमा करने आते हैं। वर्ष 2020 और 2021 में कोविड के कारण यह मेला नहीं लग पाया था। ऐसे में इस बार बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमडऩे की उम्मीद है।श्रद्धा का केन्द्र हैं पहाड़ वाले बाबामचकुंड रोड पर ही पहाड़ वाले बाबा की दरगाह है। यह दरगाह हिन्दू और मुस्लिम दोनों समुदायों की श्रद्धा का केन्द्र है। हर गुरुवार को यहां बड़ी संख्या में लोग जुटते हैं। यहां सालाना उर्स पर आगरा, ग्वालियर, झांसी, मथुरा, दिल्ली आदि स्थानों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु आकर दरगाह पर शीश नवाते हैं।

इनका कहना है

धौलपुर हमेशा से सांप्रदायिक एकता की मिसाल रहा है। मेला व उर्स के लिए मेला अधिकारी व मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं।

- अनिल कुमार अग्रवाल, जिला कलक्टर, धौलपुर