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कोच के टॉयलेट में गंदगी व पानी नहीं होने को माना सेवा दोष्र, रेलवे विभाग पर किया जुर्माना

– जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया निर्णय धौलपुर. जिला उपभोक्ता आयोग धौलपुर ने लम्बित प्रकरण में रेलवे को कोच के टायलेट में गंदगी होने व पानी नहीं होने को सेवा दोष मानकर परिवादी को क्षतिपूर्ति राशि दिलाने व उपभोक्ता कल्याण कोष में राशि जमा कराने का निर्णय सुनाया। प्रकरण के अनुसार परिवादी नरेश गोयल अपनी […]

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कोच के टॉयलेट में गंदगी व पानी नहीं होने को माना सेवा दोष्र,रेलवे विभाग पर किया जुर्माना Dirt and lack of water in the coach toilets were considered service defects and the railway department was fined

- जिला उपभोक्ता आयोग ने दिया निर्णय

धौलपुर. जिला उपभोक्ता आयोग धौलपुर ने लम्बित प्रकरण में रेलवे को कोच के टायलेट में गंदगी होने व पानी नहीं होने को सेवा दोष मानकर परिवादी को क्षतिपूर्ति राशि दिलाने व उपभोक्ता कल्याण कोष में राशि जमा कराने का निर्णय सुनाया।

प्रकरण के अनुसार परिवादी नरेश गोयल अपनी पत्नी सहित दक्षिण भारत की धार्मिक यात्रा पर गया था। लौटते समय मदुरै जंक्शन से टिकट 3 टायर एसी में बुक कर संपर्क क्रांति ट्रेन में यात्रा की। ट्रेन रात्रि एक बजे रवाना हुई। सुबह पांच बजे परिवादी जब शौच के लिए टायलेट में गया तो टायलेट में गंदगी थी एवं कोच में पानी नहीं आ रहा था। कोच के अन्य यात्री भी इस समस्या से परेशान थे। इस समस्या से परिवादी ने रेलवे को फोन से तुरन्त अवगत कराया तो विभाग ने संतुष्टि पूर्वक जवाब नहीं दिया। सुबह साढ़े आठ बजे चेन्नई जंक्शन पर सफाईकर्मी व तकनीशियन कोच में आए तब कोच में सफाई हुई, पानी चैक किया तो बताया कि एयरलॉक के कारण पानी नहीं आ रहा है।विभाग की ओर से आयोग के समक्ष जवाब पेश किया कि उक्त ट्रेन मदुरै से कंप्लीट होकर चली थी। तमाम साक्ष्य व बहस सुनने के बाद आयोग के अध्यक्ष डॉ.अरुण कुमार व सदस्य सुरेन्द्र चतुर्वेदी ने निर्णय सुनाते हुएए परिवादी को सफाई जैसे मुद्दे के प्रति जागरूकता प्रदर्शित करना माना तथा रेलवे को सेवा में कमी मानते हुए दस हजार रुपए उपभोक्ता कल्याण कोष में जमा कराने तथा परिवादी को मानसिक पीड़ा के पांच हजार रुपए, सेवा में कमी के दो हजार रुपए, परिवाद व्यय के दो हजार रुपए, भुगतान करने के आदेश दिए हैं।