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वित्तीय क्षेत्र में महिलाओं की एंट्री, 138 महिलाएं डिटिजल से करवा रही करोड़ों का लेनदेन

धौलपुर. महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। वित्तीय लेनदेन पर पुरुषों का एकाधिकारी था लेकिन अब इस क्षेत्र में भी महिलाएं अपनी ताकत दिखा रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में 138 महिलाएं गांवों में डिजिटल लेनदेन कार्य को संभाल रही हैं।

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 Entry of women in financial sector, 138 women getting transactions worth crores done through digital

वित्तीय क्षेत्र में महिलाओं की एंट्री, 138 महिलाएं डिटिजल से करवा रही करोड़ों का लेनदेन

अम्बर अग्निहोत्री

धौलपुर. महिलाएं अब हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही हैं। वित्तीय लेनदेन पर पुरुषों का एकाधिकारी था लेकिन अब इस क्षेत्र में भी महिलाएं अपनी ताकत दिखा रही है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि जिले में 138 महिलाएं गांवों में डिजिटल लेनदेन कार्य को संभाल रही हैं। साथ ही इनकी संख्या दिनोंदिन बढ़ रही है। राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद (राजीविका) की यह बीसी सखी महिलाएं अब समूह की महिलाओं को गांव में ही बैंक खातों से धनराशि का लेनदेन करना बता रही हैं। आजादी का अमृत महोत्सव पर यह सखी महिलाएं विशेष शिविरों का हिस्सा बनकर ग्रामीणों को डिजिटल अभियान से जोड़ रही हैं। इसके साथ ही धनराशि का लेनदेन करा रही हैं। जिले के पांच ब्लाकों की 188 ग्राम पंचायतों में यह शिविर आयोजित हो रहे हैं। सखी महिलाएं प्रत्येक माह करीब 7 करोड़ रुपए का डिजिटल लेनदेन कर रही हैं। वहीं, इन महिलाओं को भी अच्छा खासा घर बैठे कमीशन मिल रहा है।

केन्द्र सरकार दे रही महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा

आजादी का अमृत महोत्सव की शृंखला में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को अब केंद्र सरकार की ओर से महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल काम करना सिखाया जा रहा है। इन समूहों में होने वाले लेनदेन के लिए डिजी-पे एप का प्रयोग किया जा रहा है। इस एप को अपडेट रखने का काम ये महिलाएं आजकल सीख रही हैं। जिले मेें आयोजित शिविरों में राजस्थान ग्रामीण आजीविका परिषद की ओर से ब्लाक मिशन मैनेजर भी नियुक्त किए गए हैं। जो इसको अपडेट करते रहते।

बसेड़ी की नेहा को मिला रोजगार

बसेड़ी तहसील के गांव रामपुर निवासी समूह सखी नेहा के लिए ये जीवन को संभारने का अवसर था। समूह से जुडकऱ नेहा ने अपने परिवार को भी संभाला है। डीजी-पे ऐप से सखी नेहा ने दो माह के लेनदेन में मई महीने में ग्रामीण क्षेत्र में 1590 खाता धारकों के 81 लाख 38 हजार रुपए का लेनदेन किया। इसके साथ ही जून माह में 1480 खाता धारकों को 68 लाख 77 हजार रुपए का लेनदेन किया। जिसमें पेंशन निकासी, मनरेगा भुगतान सहित अन्य लेनदेन किया। नेहा भारत में सबसे अधिक रकम विवरण करने में पहला स्थान प्राप्त किया। इसी साथ ही नेहा को बसेड़ी पीएनबी बैंक में बीसी के पद पर कार्य करने का ऑफर मिला। डिजिटल लेनदेन में वह हर महीने चालीस हजार रुपए का भुगतान उठा रही है।

मिल रहा करीब 8 लाख रुपए से अधिक का कमीशन

वहीं, समूह की 138 महिलाओं के कमीशन की बात करें तो करीब लाखों रुपए का कमीशन इन्हें प्रतिमाह प्राप्त हो रहा है। इसमें एक महिला प्रत्येक करीब 5 से 6 रुपए डिजिटल भुगतान के जरिए प्राप्त कर रही है। जबकि बसेड़ी की नेहा अकेली हैं जो सर्वाधिक कमीशन इस योजना से पा रही हैं।

जिले में 138 ग्राम पंचायतों में डिजी-पे सखी नियुक्त

जिले में 188 ग्राम पंचायत में से 138 पंचायतों में समूह की महिलाओं को डिजी-पे सखी बनाया गया है। जिसमें बाड़ी पंचायत समिति में 22 सखी, बसेड़ी पंचायत में 13 सखी व धौलपुर में 30 सखी, राजाखेड़ा में 25 सखी, सैंपऊ में 30 सखी तथा सरमथुरा में 18 समूह की सखी को डिजी-पे की नियुक्त की हैं।

- समूह की महिलाएं लगातर अपने क्षेत्र में आगें बढ़ रही है। इसके साथ ही उनको शिविर में लगातार प्रशिक्षण दिया जा रहा है। शिविर में महिलाओं ने बड़े उत्साह से मोबाइल फोन पर डिजिटल लेनदेन को बढ़ावा दे रही है। जिले में 138 ग्राम पंचायत में डिजीटल लेनदेन हो रहा है।

- पंकज यादव, जिला प्रबंधक, वित्तीय समावेशन राजीविका धौलपुर