
पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद कुलिश के जन्मदिन पर हुआ प्रदर्शनी का आयोजन
पत्रिका के संस्थापक कर्पूर चंद कुलिश के जन्मदिन पर हुआ प्रदर्शनी का आयोजन
-डाक टिकट सहित पत्रिका की बरसों पुरानी प्रतियों का किया गया प्रदर्शन
बाड़ी. राजस्थान पत्रिका के संस्थापक और प्रख्यात विद्वान, कवि एवं लेखक कर्पूरचंद कुलिश की जयंती पर शहर के तुलसी वन रोड स्थित ज्ञानदीप स्कूल में राजस्थान पत्रिका की बरसों पुरानी दुर्लभ प्रतियों के साथ कर्पूरचंद कुलिश के जीवन पर जारी डाक टिकट और अन्य सामग्री की प्रदर्शनी लगाई गई। इस मौके पर स्कूल के विद्यार्थियों ने पत्रिका की दशकों पुरानी प्रतियों को देखा और आज की प्रति से उसकी तुलना की। साथ में पत्रिका द्वारा प्रकाशित विभिन्न पुस्तकों, पत्रिका समूह के संस्थापक कर्पूर चंद कुलिश की जीवनी आदि की भी जानकारी ली। स्कूल डायरेक्टर और देश के प्रमुख टिकट संग्रहकर्ता अजय गर्ग ने बताया कि कुलिश जीवन संघर्ष का दूसरा नाम था। उन्होंने 1956 में अपने दोस्त से 500 रुपए उधार लेकर राजस्थान पत्रिका समाचार समूह की स्थापना की। प्रारम्भ में सायंकालीन समाचार पत्र निकाला। 1986 में जब वे सेवानिवृत हुए, तब पत्रिका समूह राजस्थान का सबसे अग्रणी समाचार पत्र बन चुका था।
गर्ग ने बताया की उन्होंने जो पत्रिका समूह की पुस्तकों में पढ़ा उसके अनुसार कर्पूरचंद कुलिश का जन्म 20 मार्च 1926 को राजस्थान के टोंक जिले के मालपुरा तहसील में सोडा गांव में अपने ननिहाल में हुआ था। यह बचपन से ही प्रतिभा के धनी थे। बाद में पढ़ाई के लिए जयपुर आए और शुरुआती दौर में उन्होंने साहित्य पत्रकारिता के साथ कवि एवं गीतकार के रूप में भी अपनी प्रतिभा दिखाई। कई निजी संस्थागत क्षेत्रों में काम किया, लेकिन जब कहीं से भी उन्हें आत्मसंतुष्टि नहीं हुई तो उन्होंने अपने मित्रों के सहयोग से एक ऐसे अखबार की नींव डाली। जिस पर किसी का बंदिश नहीं हो। आज पत्रिका राजस्थान ही नहीं, बल्कि देश के निष्पक्ष छवि वाले अखबारों में श्रेष्ठ स्थान रखता है। पत्रिका ग्रुप संस्थापक कुलिशजी के सपनों को साकार कर रहा है।
जयंती अवसर पर स्कूल के अध्यापकों और छात्रों ने प्रदर्शनी में लगी प्रमुख अखबारों की कटिंगो ं को देखा। उन खबरों को भी देखा जिनकी खबर एक जन आंदोलन बनी। जिन्होंने समाज और देश को एक नई क्रांति दी। प्रदर्शनी में 1996, 1998 के पुराने अखबार, जिनका साइज बहुत बड़ा था, उन्हें भी दिखाया गया। कर्पूरजी के जीवन पर जारी 16 मई 2012 की भारत सरकार की डाक टिकट भी प्रदर्शनी का एक अमूल्य हिस्सा रही। इस मौके पर विद्यालय के शिक्षक गौरव गर्ग, बंटी गोस्वामी, जितेंद्र सिसोदिया, इमरान, योगेश पाराशर, शरण गर्ग, देवेंद्र गौड़, देवेंद्र गर्ग, पूजा बंसल, शिवानी, नेहा, दिशानी, प्रियंका, सीमा सहित माध्यमिक कक्षाओं के छात्र एवं छात्रा मौजूद रहे।
Published on:
20 Mar 2021 08:40 pm
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