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सैकड़ों आरा मशीनों पर चीर रही हरी लकड़ी, लाइसेंस में केवल 18 के पास

- मनियां में लकड़ी का बड़े पैमाने पर होता है कारोबार - जिम्मेदार अधिकारी बोले- मनियां में नहीं होता हरी लकडिय़ों का धंधा

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Hundreds of saw machines are sawing green wood, only 18 have license

सैकड़ों आरा मशीनों पर चीर रही हरी लकड़ी, लाइसेंस में केवल 18 के पास

dholpur, मनियां. केन्द्र हो या राज्य सरकार हरे पेड़ों को बचाने और हरियाली को लेकर प्रतिवर्ष लाखों की संख्या में पौधरोपण किया जाता है जिससे संतुलन का बनाए रखा सके और प्रदूषण के प्रभाव कम हो। लेकिन जिले के मनियां कस्बे में हरियाली पर ही आरा मशीनें चल रही हैं। यहां चोरी-छिपे हरी लकडिय़ों चीर रही हैं। इस धंधे में लगे लोगों के लिए नियम कायदे को मायने नहीं रखते हैं। जिले में सक्रिय लकड़ी माफिया लकडिय़ों को आरा मशीनों पर भिजवा कर उन्हें चिरवा रहे हैं। यहां मनियां कस्बे बड़े पैमाने पर लकड़ी का कार्य होता है। आपको बता दें कि क्षेत्र में करीब 50 से 60 आरा मशीनें संचालित हैं जबकि लाइसेंस मात्र 18 के पास ही है। यहां लकड़ी का सामान तो बनता ही है। साथ ही राजस्थान के साथ पड़ोसी यूपी व एमपी समेत अन्य स्थानों पर लकड़ी से निर्मित सामान भेजा जाता है। कस्बे में जिम्मेदार प्रशासन के सामने खुलेआम हरी लकडिय़ों से लदे ट्रेक्टर-ट्रॉलियां निकलती हैं लेकिन कार्रवाई के नाम पर कुछ नहीं।

चोरी छिपे होता है धंधा, विभाग ने मूंदी आंखें

लकड़ी माफिया विभिन्न क्षेत्रों में जाकर लोगों से पेड़ों का सौदा करते हैं। चोरी छिपे माल को कटवाकर आरा मशीनों तक पहुंचा देते हैं। जिले के बाड़ी, बसेड़ी, बसई नवाब, राजाखेड़ा व सरमथुरा क्षेत्र में चोरी छिपे हरी लकड़ी निकलती है। इसमें से बड़े स्तर पर लकड़ी से लदे वाहन मनियां तेरह पुलिया, फूलपुर रोड समेत अन्य स्थानों पर पहुंचती हैं। यहां जगह-जगह कटी हुई हरी लकडिय़ों के ढेर लगे हैं। लकड़ी माफिया का खेल खुले में चल रहा है लेकिन मनियां क्षेत्र में वन विभाग और अन्य जिम्मेदारों को नजर नहीं आ रहा है। यहां अवैध आरा मशीनों पर टनों में लकडिय़ों कटने पहुंच रही हैं। सख्ती के समय धंधे के खिलाड़ी पुलिस व वन विभाग की नजर से बचाने के लिए त्रिपाल से माल को ढक कर लाते हैं।

कार्रवाई के नाम पर दिखावा

मनियां कस्बे में अवैध लकड़ी हाइवे समेत अन्य मार्गों से बिना लाइसेंस के संचालित आरा मशीनों पर पहुंच रही हैं। लेकिन जिम्मेदारों को यह नजर नहीं आती हैं। जबकि हाइवे किनारे ही मनियां में वन विभाग कार्यालय है। इसके बाद भी कार्रवाई नहीं होना बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है। हालांकि, रिकॉर्ड दुरुस्त करने के लिए बीच-बीच में कुछ कार्रवाई दिखाकर वरिष्ठ अधिकारियों को संतुष्ठ कर दिया जाता है। जबकि हकीकत कुछ अलग है। वर्तमान में विधानसभा चुनाव के लिए लगे चैकपोस्टों पर पुलिस समेत अन्य विभाग सतर्क हैं तो वन विभाग नींद है। जबकि इस दौरान अच्छी कार्रवाई का मौका है।

मनियां क्षेत्र में हरी लकडिय़ों का कोई दोहन नहीं हो रहा है। अगर ऐसी कोई जानकारी मिलती है तो कार्रवाई की जाती है। बताया कि मनियां क्षेत्र में 18 आरा मशीनों पर लाइसेंस है और अवैध आरा मशीन बंद पड़ी हैं।- नीलेन्द्र भदौरिया, फॉरेस्टर, वन विभाग