
जगन गुर्जर और पप्पू गुर्जर। फोटो: पत्रिका
धौलपुर। अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में जगन गुर्जर की हत्या के बाद अब उसके भाई कुख्यात अपराधी पप्पू गुर्जर की सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया गया है। पप्पू गुर्जर को अजमेर से दौसा जेल में शिफ्ट कर दिया गया है। बता दें कि 29 जून को अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल में चंबल के कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की कैदी विष्णु जाट ने गला घोंटकर हत्या कर दी थी। जेल के अंदर जगन गुर्जर की हत्या के बाद से परिजन लगातार पप्पू गुर्जर को दूसरी जेल में शिफ्ट करने की मांग कर रहे थे।
बता दें कि जगन गुर्जर की हत्या के दूसरे दिन 30 जून को परिजनों ने अजमेर में धरना प्रदर्शन किया था। इस दौरान हत्याकांड की सीबीआई जांच करने, अजमेर जेल प्रशासन के खिलाफ कार्रवाई करने, जगन के भाई पप्पू गुर्जर को अजमेर जेल से दूसरी जेल में शिफ्ट करने और बाड़ी कोतवाली थाना अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई करने के साथ परिवार को सुरक्षा देने की मांग पर सहमति बनी थी। लेकिन, प्रशासन के आश्वासन के बाद भी कुछ नहीं हुआ, तो 12 जुलाई की शाम समाज के लोगों ने बाड़ी कोतवाली की ओर कूच किया था।
इसकी सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया था और वार्ता का न्योता भेजा गया। इसके बाद ग्राम पंचायत रुधेरा के सेवा केन्द्र पर रात 9 बजे समाज के प्रतिनिधिमंडल से डीएम श्रीनिधि बीटी और एसपी विकास सांगवान ने वार्ता की। प्रतिनिधिमंडल ने अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर को शिफ्ट की मांग रखी, जिस पर डीएम ने दौसा जेल में शिफ्ट करने के ऑर्डर दो-तीन दिन होने को लेकर आश्वस्त किया था। ऐसे में पिछले 6 साल से अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर को अब दूसरी जेल में शिफ्ट कर दिया गया है।
जगन की गुर्जर की हत्या के बाद पप्पू गुर्जर को जेल से बाहर लाया गया था। उसे कुछ घंटों के लिए ही पैरोल मिली थी। वह अपने अन्य भाईयों के साथ जगन गुर्जर के दाह-संस्कार कार्यक्रम में शामिल हुआ था। हत्याकांड के बाद प्रशासन ने धौलपुर जेल में बंद जगन के भाई लाल सिंह और पान सिंह को भी पैरोल दी थी। जगन गुर्जर का अंतिम संस्कार एक जुलाई को धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव के श्मशान में हुआ।
बता दें कि कुख्यात डकैत जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर को राजस्थान पुलिस ने 8 अप्रेल 2020 को धौलपुर जिले के बाड़ी इलाके में एक मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया था। पप्पू के पास से दो राइफल और जिंदा कारतूस भी बरामद हुए थे। पप्पू गुर्जर की गिरफ्तारी के लिए उस पर 50 हजार रुपए का इनाम रखा गया था। गिरफ्तारी के बाद कुछ दिनों बाद ही उसे अजमेर की हाई सिक्योरिटी जेल ले जाया गया था, तभी से पप्पू गुर्जर अजमेर जेल में बंद था।
अजमेर जेल में बंद पप्पू गुर्जर अपने भाई डकैत जगन गुर्जर की गैंग के लिए खाना और हथियार पहुंचाने का काम संभालता था। पप्पू गुर्जर पर एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामले दर्ज हैं। पप्पू गुर्जर के खिलाफ राजस्थान सहित मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के विभिन्न थानों में डकैती, जबरन वसूली, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट और पुलिस टीम पर फायरिंग जैसे गंभीर मामले दर्ज हैं।
Updated on:
14 Jul 2026, 2:26 PM IST
Published on:
13 Jul 2026, 10:34 AM IST
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