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दो दिन में 30 लाख रुपए तैयार रखो…नहीं तो तीसरा दिन आखिरी होगा

- साढ़े चार माह में मुकदमा और न ही धमकाने वाला पकड़ा - पुलिस की सुस्ती से अपराधियों के हौसले बुलंद, निर्माण कार्य हो रहे प्रभावित

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Keep 30 lakh rupees ready in two days...otherwise the third day will be the last.

दो दिन में 30 लाख रुपए तैयार रखो...नहीं तो तीसरा दिन आखिरी होगा

dholpur, राजाखेड़ा. यहां उत्तनगन नदी (पार्वती) पर करीब 9 करोड़ की लागत की महत्वाकांक्षी एनीकट परियोजना पर बदमाशों का साया कार्य की गति को प्रभावित कर रहा है। यहां आएदिन कार्य स्थल से हो रही चोरियों की वारदातों से एजेंसी के प्रतिनिधियों में भय बना हुआ है। वह जैसे-तैसे कार्य को जारी रखने का प्रयास कर रहे हैं। उधर, एजेंसी के लोगों को खुलेआम धमकाया जा रहा है। चि_ी भेजकर मोटी रकम मांगी जा रही है। बीते दिनों एक हस्तलिखित चि_ी के जरिए 30 लाख रुपए की मांग की। दो दिन में राशि नहीं देने पर तीसरा दिन आखिरी होने की चेतावनी दी। उधर, शिकायतों के बाद भी वारदात का इतंजार कर रही है। यानी पुलिस को जो कार्य करना चाहिए, वो अभी नहीं हुआ। रिपोर्ट तक दर्ज नहीं हो पाई है। चि_ी लिखने वाले का पता लगाना तो दूर की कौड़ी बना हुआ है।

परियोजना का कार्य कर रही फर्म के संजय ने बताया कि 16 सितंबर 2023 को एक अज्ञात जना बाइक पर आया और कर्मचारियों को धमकी भरी चि_ी सौंप दी। कहा कि दो दिन में 30 लाख रुपए की व्यवस्था कर करो नहीं तो काम बंद कर देना। इस चि_ी में तीसरा दिन आखिरी दिन होने ेकी चेतावनी दी। जब कार्मिकों की सूचना पर 18 सितंबर को कंपनी प्रतिनिद्धि संजय साइट पर पहुंचे तो बताया। चि_ी देख वे भी हैरान हो गए। बता दें कि साइट पर पोकलेन मशीन, जेसीबी, ट्रेक्टर ट्रॉली समेत अन्य मशीनें हैं। जिसे बदमाश नुकसान पहुंचा सकते हैं। संजय ने घटना की तहरीर और धमकी भरी चि_ी राजाखेड़ा पुलिस को सौंपी और कार्रवाई की मांग की। साथ ही सुरक्षा की भी गुहार लगाई। लेकिन आश्वासन के अलावा कुछ नहीं हुआ। शिकायत को जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में पटक दिया। केवल दो-तीन कार्य स्थल पर गश्त की फिर जांच शांत पड़ गई। पुलिस के सुस्त होते देख बदमाशों ने कार्य स्थल से सामग्री चोरी शुरू कर दी। 23 जनवरी को पुन: तहरीर दी लेकिन फिर भी कोई एक्शन नहीं हुआ। यहां तक रिपोर्ट नहीं हुई। जो पुलिस व्यवस्था पर सवाल खड़े कर रहा है।

पुलिस का नहीं मिल रहा सहयोग

साढ़े चार माह बाद भी कार्रवाई नहीं होने से फर्म के लोग चितिंत हैं। पुलिस ने जांच के नाम पर अभी तक खोज पड़ताल भी नहीं की। ऐसे में निर्माण स्थल पर कार्य की गति बिगड़ गई है। कर्मचारी डरे-सहमे हैं और कार्य बाधित हो रहा है। संजय ने बताया कि यह एक बड़ा प्रोजेक्ट है जो बिल्कुल निर्जन स्थान पर है। ऐसे में सुरक्षा दाव पर लगी रहती है। कार्रवाई होती तो कर्मचारियों के भी हौसले बुलंद रहते लेकिन यहां मामला उल्टा हो गया। बदमाशों के हौसले बुलंद हैं तो कर्मचारियों में भय व्याप्त है।