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अब सात समंदर पार भी खाएं मां के हाथ से बने लड्डू और नमकीन

भारतीय खाने की महक अब सात समंदर पार भी महक रही है। विदेशों में रहकर पढ़ाई और नौकरी करने वाले अपनों के लिए उनके परिवारीजन मां के हाथ से बने व्यंजनों के साथ मिठाइयां और ड्राई फ्रूड्स डाक विभाग का सहारा लेकर कम दामों में भेज रहे हैं। सेवा के शुरुआत से अब तक पोस्ट ऑफिस सिर्फ धौलपुर शहर से ही 35 ऐसे पार्सल विदेशों में भेज चुका है।

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अब सात समंदर पार भी खाएं मां के हाथ से बने लड्डू और नमकीन Now eat laddus and namkeen made by mother even across the seven seas

- सुविधा: डाक विभाग के निर्यात केन्द्र से पार्सल से भेजी जा रही खाद्य सामग्री

- विदेशों में रहने वालों को परिवारीजन भेज रहे काजू कतली से लेकर बेसन, तिली के लड्डू

- अभी तक शहर से ही 35 पार्सल भेजे जा चुके अमेरिका, लंदन और जापान तक

धौलपुर. भारतीय खाने की महक अब सात समंदर पार भी महक रही है। विदेशों में रहकर पढ़ाई और नौकरी करने वाले अपनों के लिए उनके परिवारीजन मां के हाथ से बने व्यंजनों के साथ मिठाइयां और ड्राई फ्रूड्स डाक विभाग का सहारा लेकर कम दामों में भेज रहे हैं। सेवा के शुरुआत से अब तक पोस्ट ऑफिस सिर्फ धौलपुर शहर से ही 35 ऐसे पार्सल विदेशों में भेज चुका है। जबकि मंडल की बात करेंगे तो यह आंकड़ा सैकड़ों में है।

विदेशों में रहने वाले हमारे अपनों को भारतीय खाना बमुश्किल नसीब हो पाता है। इस कड़ी में डाक विभाग लोगों की जरूरतों को पूरा करने में मददगार साबित हो रहा है। डाक विभाग की ऑनलाइन ट्रेक एण्ड स्ट्रेस की सुविधा के तहत डाक विभाग ने व्यवसाय को नया आयाम देने की शुरूआत की है। धौलपुर डाकघर के बिजनेस पोस्ट सेंटर के डाक निर्यात केन्द्र से कम दामों में पांच से बीस किलो के पार्सल सात समंदर पार भेजे जा रहे हैं। जिनमें परिजन विदेशों में रहने वाले अपने बच्चों के लिए काजू कतलीए बेसन के लड्डू, तिली के लड्डू से लेकर नमकीन, ड्राइ फ्रूट्स और गिफ्ट तक भेज रहे हैं।

2024 में हुई थी शुरुआत

डाकघर निर्यात केंद्र की सेवा पिछले वर्ष 2024 में शुरू हुई थी। इंडिया पोस्ट एयर पार्सल के लिए ऑनलाइन ट्रैक एंड स्ट्रेस की सुविधा उपलब्ध है। वजन अधिकतम 20 किलो होना चाहिए। यह सुविधा सभी कार्य दिवस में उपलब्ध है। रूस, जापान, अमेरिका व कनाडा, इंग्लैंड व ऑस्ट्रेलिया सहित अन्य देशों में बच्चों के कपड़े, किताबें, ड्राइ फ्रूट्स व आवश्यक दस्तावेज व अन्य सामग्री भेजी जा रही हैं।

एयरपोर्ट पर ही होती चैकिंग

स्पीड पोस्ट के अंतर्गत भेजे पार्सल की जिला, राष्ट्रीय स्तर, एयरपोर्ट सहित विदेशों में हर पाइंट पर चैकिंग होती है। इससे उसे पहुंचने में सात दिन लग जाते थे। इंटरनेशनल ट्रैक्ड पैकेट योजना में एयरपोर्ट पर ही चैकिंग होगी। इससे तीन से चार दिन में पार्सल पहुंच जाएगा। अंतरराष्ट्रीय नियमों के अनुसार जिस देश में जिस वस्तु का प्रतिबंध रहता है उपभोक्ता उस सामग्री को विदेश नहीं भेज सकते। प्रतिबंधित वस्तुओं की सूची डाक विभाग में उपलब्ध है।

केस 1:

पुराना शहर निवासी आफरीन (बदला नाम) ने दुबई में रहने वाले अपने परिवारीजन को काजू कतली की मिठाई पार्सल के जरिए भेजी। उनका कहना था कि दुबई में भारतीय व्यंजनों का अभाव है। और वह अक्सर दुबई खाने.पीने की सामग्री भेजती रहती हैं।

केस 2:

लंदन में नौकरी करने वाले राजेश के लिए उनकी मां सरोज देवी (बदला नाम) ने देशी घी से बने बेसन के लड्डू डाक सेवा के जरिए भेजे। उन्होंने कहा कि उनके बेटे को मेरे हाथों से बने लड्डू बहुत पसंद हैं। डाक घर की इस सेवा से यह काम आसान हो गया।

ऑनलाइन ट्रैक करने का तरीका

इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं।होमपेज पर ट्रैक एंड ट्रेस विकल्प पर क्लिक करें।

कंसाइनमेंट नंबर फील्ड में अपना ट्रैकिंग आईडी दर्ज करें।

स्क्रीन पर दिखाया गया कैप्चा कोड दर्ज करें।

अपने पार्सल का स्थान देखने के लिए ट्रैक बटन पर क्लिक करें।

इस तरह करें पार्सल की पैकिंग-

पार्सल को मज़बूत केस रैपर या कवर में पैक करें।

- कपड़ा या ऊनी सामग्री वाले पार्सल को मजबूत रैपर में पैक करें।

- बाहरी आवरण मोटे कार्ड, बोर्ड या कपड़े का होना चाहिए।

- तरल पदार्थ और पदार्थ जो आसानी से द्रवीभूत हो जाते हैं उन्हें दोहरे पात्र में डालना चाहिए।

- डाक विभाग के निर्यात केन्द्र से लोग अपने परिजनों को खाद्य सामग्री से लेकर अन्य सामान पार्सल के जरिए विदेशों में भेज रहे हैं। इस सेवा के तहत 20 किलो तक का पर्सल विदेश भेजा जा सकता है

- रामकरण मीणा, अधीक्षक डाक विभाग