राजस्थान के धौलपुर जिले में चंबल नदी उफान पर है, ऐसे में नदी के किनारे बसे गावों में प्रशासन ने निगरानी बढ़ा दी है। चंबल नदी लाल निशान के करीब पहुंच गई है।
धौलपुर। जिले में बीते दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर बारिश के चलते चंबल नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। शुक्रवार रात तक हुई बारिश के बाद शनिवार को शहरवासियों को थोड़ी राहत जरूर मिली, लेकिन नदी किनारे बसे गांवों के लिए खतरा और बढ़ गया। शहर में 15 एमएम और जिले में 21.3 एमएम बारिश दर्ज की गई।
चंबल नदी का जलस्तर शनिवार शाम 6 बजे 130.40 मीटर पर पहुंच गया, जो कि डेंजर लेवल 130.79 मीटर से केवल 0.39 मीटर नीचे है। लगातार बढ़ते जलस्तर को देखते हुए प्रशासन सतर्क हो गया है और नदी के किनारे बसे गांवों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
कोटा बैराज से पानी छोड़े जाने और ऊपरी क्षेत्रों में तेज बारिश के कारण चंबल पूरे उफान के साथ बह रही है। नदी की रपट और किनारों पर पानी बढ़ने के साथ ही स्थानीय लोग भी चंबल का दृश्य देखने के लिए जुट रहे हैं।
इधर, पार्वती बांध के शुक्रवार रात को गेट खोले जाने के चलते सैंपऊ क्षेत्र के कई गांवों में पानी भर गया। निचले इलाकों के घरों में पानी घुस गया, जिससे लोग घर खाली करने को मजबूर हुए। वहीं, कौलारी इलाके के करीब एक दर्जन गांवों का संपर्क मार्ग टूट गया है।
राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 11बी पर निभी के ताल का जलस्तर बढ़ने के कारण शुक्रवार शाम को हाईवे को बंद करना पड़ा, जिससे आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। शनिवार को बाहर से आने वाले यात्रियों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। फिलहाल प्रशासन हालात पर नजर बनाए हुए है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत व बचाव के इंतजाम किए जा रहे हैं।