
राज्य में पशुपालन को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार ने गोपाल क्रेडिट ऋण कार्ड योजना का शुभारंभ किया है। इस योजना के तहत गोपालकों को बिना ब्याज के एक लाख रुपए तक का लोन दिया जाएगा। इस योजना के तहत प्रदेश के 5 लाख गोपालक लाभान्वित होंगे। गोपालन के लिए राज्य सरकार अब गोपालकों को एक लाख रुपए तक का फ्री लोन देगी। जिससे उनको गोपालन में सहूलियत हो सके। लोन की रकम को 12 समान किश्तों के माध्यम से भरा जाएगा। लोने लेने के लिए गोपालक को दुग्धसंघ और सहकारी समिति का सदस्य होना जरूरी होगा। जो पशुपालक सहकारी समिति को दूध बेचता है, वह ऋण लेनी का अधिकारी होगा। राज्य सरकार की ओर से वर्ष 2024-25 के बजट में गोपालकों को डेयरी से संबंधित गतिविधियों के लिए शैड, खेली का निर्माण तथा दुग्ध, चारा, बांट के उपकरण खरीदने के लिए योजना लागू की जा रही है। एक गोपालक परिवार से एक सदस्य जो कि सहकारी डेयरी समिति को दूध का बेचान करता हो, प्राथमिक दुग्ध समिति की अनुशंसा पर ऋण ले सकता है। इसके तहत पशुपालक को ग्रामीण क्षेत्र का निवासी होना आवश्यक है।
इस योजना को लेकर पशुपालन विभाग ने बताया कि गोपालक किसान परिवारों के पास गाय, भैंस शैड, खेली निर्माण एवं चारा/बांटा सहित कई चीजें खरीदने के लिए पैसों की कमी रहती थी। जिसको ध्यान में रखते हुए गोपालक किसानों को सरकार ने ब्याज मुक्त ऋण की सुविधा उपलब्ध कराने की बात कही है। इस योजना के लिए ग्रामीण स्तर पर प्राथमिक दुग्ध उत्पादक समितियां भी बनाई गई हैं।
सहकारी समिति का सदस्य होना जरूरी।
सहकारी दुग्ध डेयरी को बेचता हो दूध।
ग्रामीण क्षेत्र का होना चाहिए रहवासी।
डेयरी की समिति में दूध बेचने करने वाले सभी पशुपालकों को इस योजना के तहत पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसकी पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से की जाएगी। गोपालक किसान ई-मित्र केंद्र या संबंधित ग्राम सेवा सहकारी समिति के माध्यम से किसान ऋण आवेदन से लेकर स्वीकृति के लिए आवेदन कर सकता है।
Updated on:
24 Oct 2024 10:12 am
Published on:
21 Oct 2024 03:51 pm
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