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शरद महोत्सव: अखिल भारतीय मुशायरा में मशहूर शायर आरिफ सैफी ने बांधा समां……देखें वीडियो

धौलपुर. शरद महोत्सव 2023 में रात्रि को ऑल इंडिया मुशायरा का कार्यक्रम का अयोजन हुआ। जिसमें आए शायरों ने समां बांध दिया और लोगों को दाद देने पर मजबूर कर दिया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक अब्दुल सगीर खान थे।

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Sharad Mahotsav: Famous poet Arif Saifi graces the occasion of All India Mushaira...watch video

Sharad Mahotsav dholpur news: धौलपुर. शरद महोत्सव 2023 में रात्रि को ऑल इंडिया मुशायरा का कार्यक्रम का अयोजन हुआ। जिसमें आए शायरों ने समां बांध दिया और लोगों को दाद देने पर मजबूर कर दिया। मुख्य अतिथि पूर्व विधायक अब्दुल सगीर खान थे। वहीं, पूर्व उपसभापति इसरार खान, जाहिद कुरैशी, शकील खां, नसीम खान, मोमिन खान, बबलू खान, नजीमुद्दीन खान एवं पार्षदों ने शायरों एवं अथितियों का माल्यार्पण कर स्वागत किया।

मुशायरा में मंजर भोपाली, आरिफ सैफी, अबरार कासिब, हासिम गिरोजाबादी, शबाना शबनम, राना तबस्सुम, जहाज देवबंदी, नूर धौलपुरी, जमील धौलपुरी ने शेरों शायरी समां बांध दिया।नूर धौलपुरी ने इधर वालों उधर वालों जमीनों आसमां वालों मेरे आका से जीना सीख लो दोनों जहां वालो। जिसे सुनकर श्रोताओं ने जमकर हौसला अफजाई की। जमीर धौलपुरी ने शहर लोगों से गुंजन नजर आते हैं इनमे कुछ लोग ही इंसान नजर आते हैं। सूरज जितना दूर दिखाई देता है उतना उसका नूर दिखाई देता है। जिसे सुनकर श्रोताओं ने जमकर दाद दी। अब्दुल सगीर खान ने हथेलियों पर लकीरों का जाल सा रखना और हर एक लकीर पर की सवाल सा रखना। जिसे सुनकर श्रोताओं ने जमकर दाद दी।

राना तबस्सुम मैं भी बदल रही हूं जमाने के साथ साथ राना तो छप रही है रिसालों में आजकल। कल रात को उनसे मुलाकात हो गई। ऐसा लगा कि धूप में बरसात हो गई। मेरा दिलबर दूर है दिल बहुत मजबूर है शीशा ए चूर है रब को क्या मजबूर है। जिसे सुनकर श्रोताओं ने जमकर दाद दी। शायर जहाज देवबंदी तमन्ना का प्याला भरा फिफ्टी फिफ्टी सुरैइया का अव्वा है कल से कोमा में फिफ्टी फिफ्टी। मैं बच बचा के जेल से आगे निकल गया चाहत वफा के खेल से आगे निकल गया। हुई शायरों की भी गुम सिट्टी बिट्टी की उस्तादे अहमद फराज आएगा जिसको भी देखने आ रहा है कि स्टेज पर जहाज आ गया। गंगा का जल नसीब ना जमजम नसीब जो भी नसीब हो कम हो, करवा रहे हैं जो हमें धर्मों के नाम पर उनको जहन्नुम नसीब हो। शबाना नया जमाना नई रोशनी से डरती हूं मैं दुश्मनी से नहीं दोस्ती से डरती हूं जिसे सुनकर श्रोताओं ने जमकर दाद दी। मुद्दतों बाद जब उसने आवाज दी दिल न रुका मुझको मगर जाना पड़ाए उसकी खुशियों का कर्जा चुकाना पड़ेगा। मंच का संचालन अनिल मिश्रा ने की।

उधर, दोपहर में भाला फेंक प्रतियोगित का आयोजन हुआ। जिसमें बालक और बालिकाओं ने भाग लिया। जिसमें बालिकाओं में अंजली प्रथम एवं खुशबू द्वितीय रही। बालक वर्ग में निरूद प्रथम, विष्णु द्वितीय एवं उदयभान तृतीय रहे। जूनियर वर्ग में मोहित प्रथम, सनी द्वितीय एवं हरिओम तृतीय रहे।