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धौलपर के ऐतिहासिक घंटाघर का घंटा फिर देगा सुनाई, दिल्ली से आएगी घड़ी

ऐतिहासिक इमारत घंटाघर के लगता है कि जल्द दिन फिरने वाले हैं और कई सालों बाद इसकी घड़ी फिर से चलने वाली है। नगर परिषद प्रशासन की ओर से जल्द घंटाघर में नवीन विशाल घड़ी लगवाई जाएगी।
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Dholpur news

धौलपर का ऐतिहासिक घंटाघर

धौलपुर. ऐतिहासिक इमारत घंटाघर के लगता है कि जल्द दिन फिरने वाले हैं और कई सालों बाद इसकी घड़ी फिर से चलने वाली है। नगर परिषद प्रशासन की ओर से जल्द घंटाघर में नवीन विशाल घड़ी लगवाई जाएगी। इसको लेकर प्रशासन की ओर वाच मर्चेंट से वार्ता हुई है। हालांकि, पुरानी घड़ी के कल पुर्जे नहीं मिलने से यह काफी समय से बंद है। लेेकिन जिला कलक्टर श्रीनिधि बी टी के दो दिन पहले दौरे के बाद नगर परिषद प्रशासन ने टावर पर नई विशाल घड़ी लगाने और इसकी मरम्मत करवाने का बीड़ा उठाया है।

हालांकि, ऐतिहासिक इमारत भारतीय पुरातत्व विभाग के अंतर्गत आती है। ऐसे में परिषद को एएसआई से भी इजाजत लेनी होगी। शहर के गौरव पथ पर स्थित घंटाघर की काफी वक्त से दुर्दशा हो रही है। इसके चारों तरफ वाहन खड़े रहते हैं और गेट खुला होने से कोई भी व्यक्ति इसमें ऊपर की इमारत पर चढ़ जाता है। पूर्व में एक गोवंश भी चढ़ गया, जिसे बड़ी मुश्किल से नीचे उतारा गया। घंटाघर की पहले आवश्यक मरम्मत होगी और बाहर की तरफ बेरीकेड्स लगाए जाएंगे, जिससे इसको नुकसान नहीं पहुंचे। वर्तमान में गौरव पथ रोड से भारी वाहन इमारत के सर्कल से सट कर निकलते हैं, ऐसे में नुकसान होने की संभावना बनी रहती है। परिषद की ओर से सफाई के साथ नीचे की तरफ जीर्णोंद्वार कार्य भी करवाया जाएगा। साथ ही रोशनी का प्रबंध होगा, जिससे अन्य शहरों की तरह घंटाघर रात में रोशन होगा। धौलपुर की तरफ जोधपुर, अलवर समेत कई शहरों में ऐतिहासिक घंटाघर हैं।

ऐतिहासिक है धौलपुर का घंटाघर

धौलपुर शहर में गौरव पथ रोड पर बीचोंबीच ऐतिहासिक घंटाघर स्थित है। वैसे इसको निहाल टावर भी कहा जांता है और इमारत के ऊपरी हिस्से पर अंग्रेजी के शब्दों में एनटी भी लिखा है। ऐतिहासिक और विशाल क्लॉक टावर है लेेकिन इसकी घड़ी लम्बे अर्से से बंद पड़ी है। इसकी ऊंचाई लगभग 150 फीट है और यह 8 मंजिला इमारत है। इसका निर्माण कार्य 1880 में राजा निहाल सिंह के काल में शुरू हुआ और सन 1910 के आसपास महाराजा राम सिंह के शासनकाल में पूरा हुआ था। वर्तमान में इसकी हालत खराब है।

घंटाघर शहर की ऐतिहासिक धरोहर है। इसमें जल्द कार्य करवाया जाएगा। साथ ही नई घड़ी लगवाई जाएगी। इसको लेकर दिल्ली में एक फर्म से बात की है।

- विष्णु परमार, कार्यवाहक आयुक्त नगर परिषद