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दीवार पर उकेर दी संविधान की बारीकियां, बच्चे देखेंगे ‘कॉन्टिट्यूशन वाल’

ग्रामीण पंचायतीराज के कार्यों और जनप्रतिनिधियों से घिरे रहने जिला परिषद कार्यालय परिसर में अब बदल रहा है। कुछ माह में इसको नई शक्ल सूरत मिली है। युवा आईएएस अधिकारी और सीईओ आव्हाद निवृत्ती सोमनाथ कामकाज के साथ कार्यालय को दुरुस्त करने में लगे हैं। सीईओ ने परिसर में नई पहल शुरू की है। कार्यालय की खाली पड़ी दीवार जिस पर बरसात में काई की परत छा जाती थी, अब वो ‘कॉन्टिट्यूशन वाल’ में बदल गई है।

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दीवार पर उकेर दी संविधान की बारीकियां, बच्चे देखेंगे ‘कॉन्टिट्यूशन वाल’ The details of the constitution are engraved on the wall, children will see the 'Constitution Wall'

- ग्रामीण पंचायतीराज के कार्यों से घिरे रहने वाले जिला परिषद की बनेगी नई पहचान

- सीईओ बोले- देश के संविधान को जानना चाहिए, सोशल मीडिया से बाहर भी काफी कुछ

धौलपुर. ग्रामीण पंचायतीराज के कार्यों और जनप्रतिनिधियों से घिरे रहने जिला परिषद कार्यालय परिसर में अब बदल रहा है। कुछ माह में इसको नई शक्ल सूरत मिली है। युवा आईएएस अधिकारी और सीईओ आव्हाद निवृत्ती सोमनाथ कामकाज के साथ कार्यालय को दुरुस्त करने में लगे हैं। सीईओ ने परिसर में नई पहल शुरू की है। कार्यालय की खाली पड़ी दीवार जिस पर बरसात में काई की परत छा जाती थी, अब वो ‘कॉन्टिट्यूशन वाल’ में बदल गई है। जी...हां, प्रशासनिक अधिकारी की यह नई पहल है, जो भारतीय संविधान के बारे में वो हर चीज बताती है, जो विद्यार्थियों और युवा पीढ़ी को जानना चाहिए। बोरियत महसूस न हो, इसको देखते हुए आकर्षण पेटिंग्स से खूबसूरती के साथ संविधान की बारीरियों को दीवार पर उकेरा गया है। जल्द ही जिलेभर के स्कूली बच्चों को यहां भ्रमण करवाया जाएगा।

जिले में चलाया चंद्र ज्योति अभियान

सीईओ कार्य के साथ इनोवेशन करते रहते हैं। कुछ समय पहले उन्होंने शिक्षा विभाग के साथ मिलकर जिले में ‘चंद्र ज्योति अभियान’ चलाया था। जिसमें स्कूलों में बच्चों को संविधान के बारे में शिक्षकों ने बताया। साथ ही कई प्रतियोगिताएं भी हुई। वहीं, प्रतियोगिता की विजेता छात्रा नेहा को जिला परिषद का एक दिन की सीईओ बनने का अवसर मिला। राजकीय बालिका उमावि पचगांव की 11वीं की छात्रा नेहा ने सरकारी कामकाज को समझा और राजीविका स्वयं सहायता समूह की बैठक भी ली। जिले में संभवतया पहली दफा स्कूलों बच्चों के लिए नया अनुभव रहा।

संविधान में रहा किन-किन महिलाओं का योगदान

पढ़ाई के दौरान भारतीय संविधान के निर्माता डॉ.भीमराव राव अम्बेडकर का नाम सबसे पहले आता है। वे संविधान सभा की प्रारूप समिति के अध्यक्ष थे। लेकिन जिला परिषद कार्यालय में बनाई ‘कॉन्टिट्यूशन वाल’ पर विद्यार्थी ये भी जान सकेंगे कि संविधान निर्माण किस-किस महिला को महत्वपूर्ण योगदान रहा। इनके नामों को भी दीवार पर स्थान मिला है। इसमें अम्मू स्वामीनाथन, एनी मैस्कारीन, दक्षायनी वेलायुधन, बेगम एजाज रसूल, दुर्गाबाई देशमुख, हंसा जीवराज मेहता, कमला चौधरी, लीला रॉय, मालती चौधरी, पूर्णिमा बनर्जी, राजकुमारी अमृत कौर, रेणुका रे, सरोजिनी नायडू, सुचेता कृपलानी और विजयलक्ष्मी पंडित शामिल रहीं।

अब गार्डन की तैयारी, हरा-भरा होगा कार्यालय

कार्यालय में दीवार की बेहतर उपयोगिता के बाद अब परिसर को हरा-भरा बनाने पर जोर है। मानसून की शुरुआत के साथ ही परिसर में विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे जाएंगे, साथ ही सभी कार्मिकों को उसकी जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। सीईओं ने बताया कि परिसर और आसपास के इलाके को और हराभरा करेंगे। जिससे आमजन और शहरवासियों को फील गुड महसूस हो। कहा कि इसमें सभी की सहभागिता जरुरी है।

- कामकाज वाले स्थल को बेहतर होना चाहिए। जिससे कार्मिकों को अच्छा महसूस हो। परिसर की दीवार को सही करवा कर उस पर पेटिंग्स के साथ संविधान की बातें लिखी गई हैं। इस दीवार को अब नए शिक्षा सत्र में विद्यार्थियों को भ्रमण करवाया जाएगा। जिससे उन्हें भारतीय संविधान को जानने का नया अनुभव होगा।

- आव्हाद निवृत्ती सोमनाथ, सीईओ जिला परिषद धौलपुर