
चुनावी मौसम में चलकर बंद हुआ थर्मल पावर प्लांट, बिजली की अब जरुरत
रोहित शर्मा
Thermal power plant dholpur news: धौलपुर. शहर में छाबनी स्थित लगा 330 केवी थर्मल पावर प्लांट (गैस आधारित) आनन-फानन में विधानसभा चुनाव से पहले शुरू कर दिया लेकिन कुछ दिन बाद ही ये बंद हो गया। हालांकि, प्लांट बंद होने की खबर बाहर नहीं आई। बताया जा रहा है कि कि गेल इण्डिया के गैस महंगी करने से बिजली यूनिट की कीमत काफी होने से इसको बंद करना ही मुनासिब समझा। जबकि इन दिनों प्रदेश में बिजली संकट गहराया हुआ है। यहां धौलपुर जिले में भी विद्युत आपूर्ति छाबड़ा 440 केवी विद्युत स्टेशन से सप्लाई होती है लेकिन कुछ दिनों से पूरे लोड से विद्युत आपूर्ति नहीं मिलने से ग्रामीण क्षेत्र में 10 से 14 घंटे तक की कटौती से किसान व ग्रामीण परेशान हैं।
गौरतलब रहे कि पुरानी छावनी स्थित करीब तीन साल से बंद पड़ा धौलपुर कंबाइंड साइकिल पावर परियोजना गत 21 सितम्बर 2023 को शुरू हुई थी। इसमें पहले 110 मेगावाट की इकाई शुरू की गई। जबकि प्लांट की क्षमता 330 मेगावाट है जिसकी विद्युत उत्पादन क्षमता 7.92 मिलियन यूनिट प्रतिदिन है। प्लांट की बाद में तीनों इकाईयों को शुरू कर 330 मेगावाट विद्युत सप्लाई प्राप्त की। सूत्रों के अनुसार प्लांट को कुछ दिन बाद बंद कर दिया गया। इसकी वजह से बाजार में महंगी बिजली सप्लाई का खरीदार नहीं होना बताया। देश में कोयला आधिरित, सोलर और पनबिजली परियोजना की बिजली गैस के मुकाबले सस्ती है।
डेढ़ माह पहले ही बढ़ गए थे दाम
धौलपुर थर्मल पावर प्लांट गैस आधारित है। बताया जा रहा है कि करीब डेढ़ माह पहले ही गैस के दाम करीब 13 डॉलर से बढकऱ 17 पर पहुंच गए थे। जिसके बाद प्लांट में बिजली उत्पादन महंगा हो गया। साथ ही लोड कम होने पर फिर प्लांट को बंद करना ही उचित समझा। हालांकि, थर्मल पावर प्लांटों के साथ सामंजस्य बैठाने का कार्य एलडी (लोड डिस्टब्यूशन) करता है। यह देशभर के प्लांटों के उत्पादन और सप्लाई पर नजर रखता है।
गैस के लिए किया था समझौता
धौलपुर गैस आधारित परियोजना के लिए गैस आधारित है। स्पॉट गैस की व्यवस्था के लिए राजस्थान राज्य विद्युत उत्पादन निगम लि.(आरवीयूएन) ने 1 जनवरी 2026 तक के लिए गत 29 जुलाई 2020 में गैस इण्डिया के साथ एक स्पॉट गैस बिक्री समझौता (एसजीएसए) किया गया था। लेकिन साल 2020 में गैस की कीमत महंगी होने और गैल इण्डिया की ओर से धौलपुर के 330 मेगावाट गैस आधारित विद्युत परियोजना के लिए गैस उपलब्ध नहीं करवाने से यह विद्युत परियोजना बॉक्स अप कंडीशन में थी। लेकिन फिलहाल आरवीयूएन प्रशासन के निर्देश पर प्लांट बंद है।
2007 में शुरू हुई थी परियोजना
धौलपुर कंबाइंड साइकिल पावर परियोजना की पहली इकाई मार्च 2007 में शुरू हुई जो 110 मेगावाट की थीए जो गैस टरबाइन आधारित है। दूसरी इकाई जून 2007 और तीसरी इकाई भी साल 2007 में ही शुरू हो गई। ये भी 110-110 मेगावाट की थी। गैस आधारित शक्ति स्टेशन की अनुमोदित क्षमता 330 मेगावाट है।
- धौलपुर प्लांट पूरी तरह से तैयार है। उच्चाधिकारियों के दिशा-निर्देश के अनुसार किसी भी वक्त चलाया जा सकता है। प्लांट को लेकर निर्णय उच्च स्तर पर होता है। गैस की दरें बढ़ती-घटती रहती हैं।
- सोहन सिंह मीना, चीफ इंजीनियर, धौलपुर गैस बिजली तापीय परियोजना
Published on:
04 Jan 2024 06:32 pm
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