
- विभाग में पद रिक्त होने से मरीजों को नहीं मिल पा रहा उचित इलाज
-19 चिकित्सक, 11 नर्स-कम्पाउडरों और 21 पद परिचारकों के रिक्त
-जिले में 13 औषधालय ऐसे जहां एक भी चिकित्सक तैनात नहीं
फैक्ट फाइल....06 ब्लॉक चिकित्सालय धौलपुर जिले में57 औषधालय को हो रहा संचालन03 मुख्य चिकित्सालय भी मौजूद
धौलपुर.आयुर्वेद विभाग में चिकित्सकों और कम्पाउंडरों की कमी से मरीजों को उचित इलाज नहीं मिल पा रहा। जिले में संचालित 57 औषधालय केन्द्रों में चिकित्सकों के 19 और नर्स-कम्पाउंडरों के 11 पद रिक्त हैं। जिले के 53 औषधालयों में से कई तो ऐसे हैं जहां एक भी चिकित्सक तैनात नहीं है जहां जुगाड़ यानी अतिरिक्त जिम्मेदारी से काम चल रहा है।राज्य से लेकर जिले भर में छोटे से बड़ा विभाग अधिकारियों और कर्मचारियों की कमी से जूझ रहा है। इससे जिला का आयुर्वेद विभाग भी अछूता नहीं है। जहां चिकित्सकों से लेकर नर्स, कम्पाउडरों साहित परिचारक की भारी कमी है। जिससे कई चिकित्सकों को अतिरिक्त प्रभार सौंप रखा है। अतिरिक्त प्रभार होने के कारण मरीजों को उचित स्वास्थ्य सेवाएं मिलने में कठिनाई आ रही है। धौलपुर जिले में चिकित्सालयों और औषधालयों की संख्या 57 है। जिनमें से 3 चिकित्सालय हैं और शेष 54 औषधालय। इन चिकित्सा केन्द्रों पर 63 पद चिकत्सकों, 59 नर्स-कम्पाउडरों और 47 पद परिचारकों के स्वीकृत हैं। इनमें से 44 चिकित्सक कार्यरत हैं तो 48 नर्स-कम्पाउडरों के पद भरे हैं तो 26 पदों पर परिचारक आसीन हैं। यानी 19 चिकित्सक, 11 नर्स-कम्पाउडर और 21 पद परिचारकों के रिक्त हैं। विभाग में कंपाउंडरों की कमी के कारण आयुर्वेद औषधालयों में मरीजों को दवाइयां देने और अन्य आवश्यक सेवाएं प्रदान करने में भी देरी होती है। तो कई बार चिकित्सकों को भी अतिरिक्त काम करना पड़ता है, जिससे उनकी कार्यक्षमता पर भी असर पड़ता है।
चिकित्सकों के खाली पदों ने बिगाड़ी व्यवस्था
आयुर्वेद विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में कुल 19 चिकित्सकों के पद खाली चल रहे हैं। इन 19 चिकित्सकों के पदों के खाली होने की वजह से कई चिकित्सा केन्द्रों की हालत बिगड़ चुकी है। स्थिति यह है कि 10 चिकित्सकों को अन्य औषधालयों में अतिरिक्त चार्ज दे रखा है। अतिरिक्त चार्ज के चलते यह चिकित्सक पांच दिन यहां तो दो दिन वहां की तर्ज पर कार्य कर हैं। जिस कारण इलाज कराने आने वाले मरीजों को ठीक प्रकार से उपचार नहीं मिल पा रहा है।
यहां एक भी चिकित्सक तैनात नहीं
आयुर्वेद विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिले में 13 औषाधालय ऐसे हैं जहां चिकित्सक का पद तो सृजित है, लेकिन नियुक्ति नहीं होने से पद सालों से रिक्त हैं। जिनमें बहरावती, कोटरा, सखवारा, सांदरा, धौर्र, पिपरौन, धनोरा, नंगलाविधौरा, बसई घीयाराम, बोथपुरा, चीलपुरा, जसुपुरा, समौना सहित बसेड़ी का ब्लॉक चिकित्सालय भी शामिल हैं जहां चिकित्सक का एक पद तो सृजित है, लेकिन नियुक्ति नहीं होने से यह खाली हैं। तो वहीं नर्स और कम्पाउडरों की बात करें तो रतनकापुरा, सहानपुर, सखवारा, भारली, बोरेली, चिलाचौंद, पिपरौन, जपावली, कंचनपुर, नंगलाखरगपुर, सहरौली, चीलपुरा, गन्हैदी, राजाखेड़ा, सांवलियापुरा के औषधायल हैं जहां नर्स-कम्पाउडरों के पद रिक्त हैं।
आयुर्वेद के प्रति लोग हो रहे जागरूक
प्रदेश की सरकार राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालयों में रिक्त चल रहे चिकित्सकों के पदों को नहीं भर रही है। बिना चिकित्सकों के आयुर्वेदिक चिकित्सा केन्द्रों का संचालन करना मुश्किल हो गया है। लोगों में आयुर्वेद के प्रति जागरुकता बढऩे के साथ ही चिकित्सा केन्द्रों का आउटडोर भी बढ़ा है। अब ऐसे में लोग इलाज कराने के लिए आयुर्वेद चिकित्सा केन्द्र पहुंचते हैं, लेकिन कई जगहों पर उनको बंद मिलता है या फिर कम्पाउंडर उनका इलाज कर रहे हैं। इसके कारण अब असंतोष की स्थिति बनने लगी है। विडंबनापूर्ण स्थिति यह है कि कुछ जगहों पर ब्लॉक स्तर तक के आयुष चिकित्सालय में भी डॉक्टर की नियुक्तियां नहीं होने से परेशानी सामने आ रही है।
जिले के औषधालयों में चिकित्सकों, नर्स-कम्पाउडर सहित परिचारकों के कुछ पद खाली हैं। मरीजों को किसी भी प्रकार की कोई परेशानी न हो इसके लिए चिकित्सकों को अतिरिक्त प्रभार दे रखा है। हमारे द्वारा पूरी कोशिश की जाती है कि किसी भी मरीज को कोई परेशानी न हो।
-रमाकान्त मिश्रा, उप निदेशक आयुर्वेद विभाग धौलपुर
Published on:
12 Aug 2025 06:58 pm
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