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Rajasthan Politics : सीएम अशोक गहलोत के लिए वरदान बनी अप्रेल की बारिश, जानिए कैसे?

How Weather Effect CM Ashok Gehlot Politics In Rajasthan : राजनीति में मौसम और मौसम में राजनीति। एक गजब का समन्वय राजस्थान में दिखाई दे रहा है। चुनावी साल में आंधी, बारिश और ओलों ने राजस्थान की राजनीति को भी राहत दी है।

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 CM Ashok Gehlot Politics In Rajasthan

CM Ashok Gehlot Politics In Rajasthan


How Weather Effect CM Ashok Gehlot Politics In Rajasthan : राजनीति में मौसम और मौसम में राजनीति। एक गजब का समन्वय राजस्थान में दिखाई दे रहा है। चुनावी साल में आंधी, बारिश और ओलों ने राजस्थान की राजनीति को भी राहत दी है। मुख्ममंत्री अशोक गहलोत के लिए तो यह मौसम इतना मुफीद हो गया कि सरकार और डिस्कॉम के अधिकारी दोनों ही बहुत राहत महसूस कर रहे हैं।

यह मौसम राजस्थान के लोगों को ही राहत नहीं दी बल्कि अशोक गहलोत सरकार और डिस्कॉम के लिए वरदान बन गई। बारिश के कारण कम बिजली की मांग के कारण सरकार और डिस्काम दोनों ने राहत की सांस ली है। एक एक जिले में 30 लाख से ज्यादा यूनिट की बचत हुई है। वरना हर साल अप्रेल में बिजली की मांग बढ़ने पर बिजली की किल्लत हो जाती थी। बिजली कटौती करके प्रबंधन होता था तो सरकार के लिए आफत हो जाती थी।

ऐसे ही इस बार भी आशंका थी अप्रेल में बिजली की मांग बढ़ने से बिजली की किल्लत होगी लेकिन बारिश ऐसा मेहरबान हुई कि गहलोत सरकार और डिस्काम दोनों के लिए सौगात बन गई। बारिश के कारण प्रदेश का मौसम सुहाना रहा और दस दौरान न तो बिजली की किल्लत हुई और न ही मांग बढ़ी। 6 मई तक अधिकतर जिलों को तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से नीचे ही रहा। इसके कारण न तो एसी चला और न ही कूलर।

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...नहीं तो बन जाता चुनावी मुददा
राजस्थान में विधानसभा चुनाव को लेकर भले अभी चुनाव आयोग ने घोषणा नहीं की है लेकिन पार्टियां पूरी तरह से चुनावी मोड में आ चुकी हैं। दिसंबर तक विधानसभा चुनाव संभावित है। ऐसे में अगर बिजली की किल्लत प्रदेश में हो जाती तो विपक्ष का घर बैठे बिठाए एक बड़ा मुददा मिल जाता और अशोक गहलोत सरकार के लिए एक बड़ी आफत। ऐसे में अप्रेल की बारिश ने न केवल प्रदेश के पैसे बचाए हैं बल्कि इस समय मौजूदा सरकार के खिलाफ मुददा भी बचा दिया है।

धौलपुर में बची 30 लाख यूनिट

मौसम की मेहरबानी से अप्रेल माह में धौलपुरवासियों के करीब ढाई करोड़ रुपए बच गए। अप्रेल में बारिश और बादलों के छाने से तापमान में कमी आई जबकि अप्रेल के अंत में तापमान 45 डिग्री तक पहुंच जाता है। गत वर्ष 2022 के अप्रेल माह के मुकाबले इस साल अप्रेल में करीब 30 लाख यूनिट बिजली कम खर्च हुई। बिजली की डिमांड कम होने से डिस्कॉम और लोगों ने आर्थिक रूप से भी राहत की सांस ली है।

मई की शुरुआत भी बचतपूर्ण

पिछले करीब दो माह से मौसम में ऐसा बदलाव आया है कि घरों में सिर्फ पंखे ही चल रहे हैं। अप्रेल माह में घरों में एसी शुरू हो जाते हैं लेकिन, इस बार एसी चलाने की नौबत कम ही आई। मई की शुरुआत में भी मौसम अपेक्षाकृत ठंडा ही रहा।

तीन मई को बारिश के कारण कम उपभोग

तीन मई को आई आंधी और बारिश के कारण मौसम में ठंडक हो गई। ऐसे में बिजली का उपभोग भी कम हुआ। तीन मई को 20 लाख यूनिट का उपभोग हुआ जबकि, गत वर्ष इसी दिन 31 लाख यूनिट का उपभोग हुआ था। धौलपुर के एक्सईएन रूप सिंह गुर्जर बताते हैं कि मौसम में आए बदलाव से पूरे अप्रेल माह और मई माह की शुरुआत में बिजली की कम मांग रही। कम बिजली खर्च हुई तो निश्चित रूप से लोगों को बचत हुई है।

वर्ष माह उपभोग (यूनिट)

2022 अप्रेल 8.75 करोड़
2023 अप्रेल 8.45 करोड़