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HEALTH NEWS : आज से ही छोड़ दीजिए रात में देर से खाना

63 प्रतिशत भारतीय 8 से 9 बजे के बीच भोजन करते हैं। 28 प्रतिशत देर से करते हैं। यह प्रतिशत तेजी से बढ़ रहा है। (होम कुकिंग एंड ईटिंग हैबिट के ग्लोबल सर्वे के अनुसार )। मोटापा, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपर एसिडिटी, ग्रासनली के कैंसर का खतरा भी बढ़ता है। देर रात खाने के तुरंत बाद सोने से हृदयाघात की आशंका बढ़ती है।

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HEALTH NEWS

Late Night Eating

क्या कहती है Health Research

अमरीका के कैलिफोर्निया विश्वविद्यालय में हुए शोध में खुलासा हुआ कि Late Night Eating की आदत का दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। गलत समय खाने से दिमाग और शरीर की जैव घड़ी का तालमेल गड़बड़ा जाता है। लंबे समय तक ऐसा होने से मस्तिष्क को नई चीजें सीखने और उन्हें याद रखने में दिक्कतें आने लगती है।
समय से भोजन करेंगे तो होंगे ये फायदे
भागदौड़ भरी जिंदगी में खाने के लिए अक्सर लोग समय नहीं निकाल पाते हैं। साथ ही घर के खाने की बजाय बाहर से, इंस्टेंट फूड (फास्ट व जंक) खाते हैं। आयुर्वेद के अनुसार सही मात्रा व समय के अनुसार भोजन करने से शारीरिक व मानसिक बल, पूर्ण तृप्ति, पोषण, त्वचा की कांति व बुद्धि प्रखर होती है।
Late Night eating से ज्यादा दिक्कतें बढ़ेंगी
सुबह ब्रेकफास्ट व रात में डिनर का समय व तरीका दोनों बिगडऩे की वजह से शारीरिक दिक्कतें बढ़ रही हैं। सुबह उठने के दो से तीन घंटे में नाश्ता करना चाहिए। रात आठ से नौ बजे तक डिनर जरूरी है। डिनर हल्का व सुपाच्य होना चाहिए। इसके बाद जितना देर से डिनर करते हैं शरीर पर इसका उतना ज्यादा दुष्प्रभाव पड़ता है।
पाचन संबंधी बीमारियां होंगी
देर रात भोजन का सीधा दुष्प्रभाव पाचन क्षमता पर पड़ता है। पाचन शक्ति क्षीण होती है। भोजन अच्छे से पचता नहीं है। पेट फूलना, साफ न होना, कब्ज, बवासीर, बड़ी-छोटी आंत संबंधी बीमारियां हो सकती हैं।
अनिद्रा व थकान बढ़ेगी
देर रात खाने से भारीपन, थकान, अनिद्रा की शिकायत बढ़ती है। रात में नींद टूटती है। उच्च रक्तचाप, डायबिटीज, इनफर्टिलिटी की समस्या बढ़ती है। आदतों में बदलाव न करने से त्वचा व कैंसर जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Cholesterol व Obesity की प्रमुख वजह है
देर रात खाने के बाद जल्दी सोने से लिवर पर दबाव बढ़ता है। भोजन अच्छे से पचता नहीं है, यह कोलेस्ट्रॉल के रूप में जमना शुरू हो जाता है। यह मोटापा व हृदय रोगों के प्रमुख कारणों में से एक है।
मस्तिष्क पर भी पड़ता है बुरा असर
पर्याप्त नींद नहीं ले पाने से मस्तिष्क पर गलत असर पड़ता है। इससे मूड में बदलाव की आशंका बढ़ती है। डिप्रेशन, निर्णय लेने की क्षमता घटती है। दिमाग को पर्याप्त आराम नहीं मिल पाता है, चिड़चिड़ापन बढ़ता है।

एक्सपर्ट :डॉ. एम. वली, सीनियर फिजिशियन सर गंगाराम हॉस्पिटल, नई दिल्ली