
मकर संक्रांति ( Makar Sankranti ) का पर्व इस बार 15 जनवरी को मनाया जाएगा
मकर संक्रांति देश में हर साल 14 जनवरी को मनाया जाता है। यह त्योहार पूरे भारत में अलग-अलग नामों से जाना जाता है। मकर संक्रांति के दिन सूर्य उत्तरायण होकर मकर राशि में प्रवेश कर जाता है। मकर संक्रांति के दिन स्नान, दान, तिल और खिचड़ी सेवन करने का महत्व है। इस दिन लोग चावल से बनी खिचड़ी, उड़द की दाल और तिल से बनी चीजें खाई जाती हैं। मकर संक्रांति को गुड़ तिल से बनी चीजें जैसे तिल के लड्डू, गजक, रेवड़ी, खिचड़ी आदि को प्रसाद के रूप में बांटा जाता है। आइए जानते हैं मकर संक्रांति के अवसर पर तिल और खिचड़ी का सेवन क्यों किया जाता है।
तिल, गुड़ के फायदे -
तिल में फाइबर अधिक मात्रा में होता है, इसकी वजह से पाचन संबंधी समस्याएं जैसे कब्ज, गैस अादि के लिए तिल का सेवन फायदेमंद होता है। तिल में कॉपर होता है जिसमें एंटी इफ्रामेटरी और एंटी ऑक्सीडेंट एंजाइम होते हैं ये गठिया के दर्द और सूजन को कम करते हैं। सर्दियों में गठिया के रोगियों की समस्याएं बढ़ जाती है। तिल में मैग्नीशियम, कॉपर, कैल्शियम, आयरन, जिंक और फाइबर के साथ विटामिन, मिनरल और दूसरे पोषक तत्व भी होते हैं। गुड़ आयरन, फॉस्फोरस,पोटेशियम, कैल्शियम के साथ ही विटामिन ए और बी भी पाया जाता है। यही कारण है कि तिल और गुड़ को मकर संक्रांति पर सेवन के साथ जोड़ दिया गया, ताकि इन चीज़ो को लोग अपनी डाइट में शामिल कर सकें। तिल हड्डियों और जोड़ों को भी मजबूती देता है। तिल में जिंक होता है ये त्वचा के लिए फायदेमंद होता है, इससे स्किन ग्लो करती है और इसकी इलास्टिसिटी भी अच्छी होती है।
खिचड़ी खाने के फायदे -
मकर संक्रांति पर चावल के साथ उड़द का दाल व चावल के साथ कई सीजनल हरी सब्जियों को मिक्स करके खिचड़ी बनाई जाती है। टमाटर, मटर, हरी सब्जियों और दाल के कारण खिचड़ी की पौष्टिकता बढ़ जाती है। खिचड़ी के सेवन से वात, पित्त और कफ से होने वाली शारीरिक समस्याएं भी नहीं होती है। खिचड़ी शरीर को ऊर्जा देती है व शरीर की रोग प्रतिरक्षा तंत्र को भी बूस्ट करती है। सर्दियों में पित्त और गैस की समस्या ज्यादा होती है इसके लिए अच्छे पचाने वाले भोजन खाना चाहिए, ऐसे में खिचड़ी सबसे बेहतर होती है। खिचड़ी में कार्बोहाइड्रेट, विटामिन, कैल्शियम, फाइबर्स, मैग्नीशियम, पोटैशियम और फॉस्फोरस आदि पाए जाते हैं।
गुड़ खाने के फायदे -
गुड़ एनीमिया में बहुत लाभकारी होता है ये रक्त शोधक का भी काम करता है। गुड़ फेफड़ों के इंफेक्शन और गंदगी को साफ करता है। पॉल्युशन से होने वाली खांसी, जुकाम आदि में गुड़ फायदेमंद होता है। गुड में फास्फोरस में मौजूद गुड़ के सेवन से पाचन तंत्र तुरुस्त रहता है। गुड़ में कैल्सियम होता है जो हड्डीयों की कमजोरी को दूर करता है।
Published on:
14 Jan 2019 02:03 pm
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