
Stay Healthy - गुणकारी गिलाेय एनीमिया करे दूर, इम्यून सिस्टम भी हाेता है बूस्ट
गिलोय बेहद कारगर औषधि है, इसका का इस्तेमाल कई तरह की बीमारियों में किया जाता है।इसके अलावा ये एक बेहतरीन पावर ड्रिंक भी है। ये इम्यून सिस्टम को बूस्ट करने का काम करता है। इससे बुखार, टायफाइड, कब्ज, हिचकी व रक्त संक्रमण जैसी बीमारियां दूर होती हैं। गिलोय बेल के रूप में बढ़ती है और इसकी पत्तियां पान के पत्ते की तरह होती हैं। गिलोय की पत्तियों में कैल्शियम, प्रोटीन, फॉस्फोरस पर्याप्त मात्रा में पाया जाता है। इसके अलावा इसके तनों में स्टार्च की भी अच्छी मात्रा होती है। ताे आइए जानते है गुणकारी गिलाेय के फायदे :-
तलवों की जलन :
कुछ लोगों को पैरों में बहुत जलन होती है। कुछ ऐसे भी होते हैं जिनकी हथेलियां हमेशा गर्म बनी रहती हैं, ऐसे लोगों के लिए गिलोय बहुत फायदेमंद है। गिलोय की पत्तियों को पीसकर उसका पेस्ट तैयार कर लें और उसे सुबह-शाम पैरों पर और हथेलियों पर लगाएं।अगर आप चाहें तो गिलोय की पत्तियों का काढ़ा भी पी सकते हैं।पिसे हुए गिलोय को दही में मिलाकर तलवों पर लगाएं इससे भी फायदा होगा ।
खून में कमी :
अगर आपको एनीमिया है तो गिलोय के पत्तों का इस्तेमाल करना आपके लिए बहुत फायदेमंद रहेगा। गिलोय खून की कमी दूर करने में सहायक है गिलोय चूर्ण का सेवन गुड़ या शहद के साथ करने पर खून बढ़ता है।
पीलिया :
पीलिया के मरीजों के लिए गिलोय लेना बहुत ही फायदेमंद है। कुछ लोग इसे चूर्ण के रूप में लेते हैं तो कुछ इसकी पत्तियों को पानी में उबालकर पीते हैं। अगर आप चाहें तो गिलोय की पत्तियों को पीसकर शहद के साथ मिलाकर भी ले सकते हैं। इससे पीलिया में फायदा होता है और मरीज जल्दी स्वस्थ हो जाता है।
हिचकी : गिलोय चूर्ण को सोंठ के साथ लें, हिचकी बंद होगी।
मुंहासे : मुंहासों या झाइयों पर पीसकर लगाने से लाभ होगा।
बुखार : गिलोय की छाल को पानी में उबाल कर काढ़ा बनाएं, ठंडा होने पर दिन में दो बार पीएं।
कब्ज : गिलोय के पत्तों को सुखाकर चूर्ण बना लें, इसे गुड़ के साथ खाने से कब्ज नहीं रहती।
Published on:
27 Oct 2018 02:01 pm
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