27 अक्टूबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सेहत का खजाना है विटामिन ‘डी’, मसल्स फाइबर की ग्रोथ कर डायबिटीज करता है दूर

विटामिन 'डी' के ढेरों फायदे, इसके उच्च स्तर की मौजूदगी से जीवन में आगे चलकर डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी जानलेवा बीमारियों से काफी हद तक सुरक्षा मिल सकती है
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

जयपुर

•

image

Yuvraj Singh Jadon

•

Updated: 9 Oct 2018, 5:35 PM IST

vitamin d

सेहत का खजाना है विटामिन 'डी', मसल्स फाइबर की ग्रोथ कर डायबिटीज करता है दूर

विटामिन डी की कमी से बच्चों में रिकेट्स नामक हड्डी की बीमारी हो जाती है, यह तो आपने खूब सुना है लेकिन विटामिन डी की कमी से कई और बीमारियां हो सकती हैं। जाहिर है विटामिन डी के सेवन के ढेर सारे फायदे हैं।

मसल्स फाइबर की ग्रोथ
यूएस स्थित विटामिन डी काउंसिल के संस्थापक एवं साकिएट्रिस्ट डॉ. जॉन कैनल कहते हैं, 'शोधपत्रों से पता चलता है कि गर्मियों में एथलीटों के परफॉर्मेंस सर्दियों की तुलना में काफी बेहतर होते हैं। विटामिन डी मसल्स फाइबर की ग्रोथ को स्टीमुलेट करता है। रक्त में इसके उच्च स्तर से संतुलन और प्रतिक्रिया की टाइमिंग भी इम्प्रूव होती है।'

बीमारियों से सुरक्षा
वैज्ञानिकों को कई ऐसे प्रमाण मिले रहे हैं कि विटामिन डी के उच्च स्तर की मौजूदगी से जीवन में आगे चलकर डायबिटीज और हार्ट डिजीज जैसी जानलेवा बीमारियों से काफी हद तक सुरक्षा मिल सकती है। बीते साल टाइप-2 डायबिटीज के 90 मरीजों पर किए गए एक खास अध्ययन के अनुसार विटामिन डी वाला योगर्ट पीने वाले मरीजों में ब्लड शूगर व वजन सामान्य योगर्ट पीने वाले लोगों की तुलना में जल्दी कंट्रोल हुआ।

कहां मिलेगा विटामिन डी
वैसे तो सूर्य का प्रकाश विटामिन डी का आदर्श स्रोत है, लेकिन भारत में कुपोषण एवं सूर्य की रोशनी में पर्याप्त एक्जपोजर न होने से लोगों में इसकी कमी हो रही है। नियमित रूप से इसकी रेकमंडेड डोज लेने (10 से 20 माइक्रोग्राम) के लिए भोजन में दही, चीज, मछली, अंडे, मशरूम और फोर्टीफाइड अनाज शामिल करने चाहिए।

दर्द से राहत
एक अन्य अध्ययन से पता चला है कि विटामिन डी के अच्छे स्तर से धमनियों में कड़ापन आने की आशंका कम हो जाती है, जिससे हृदय रोग की संभावना घटती है।

अस्थमा से बचाव

हालिया रिपोर्ट से पता चला है कि विटामिन डी की कमी से बच्चों में अस्थमा होने का खतरा बढ़ जाता है। इसके साथ ही यदि गर्भवती महिलाओं में विटामिन डी की कमी हो, तो होने वाले श्‍ािशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता काफी कम हो जाती है।इसलिए सही मात्रा में विटामिन डी का सेवन इस तरह के खतराें का कम करता है।

डिस्क्लेमर
इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ओपिनियन का विकल्प नहीं है। पाठकों को सलाह दी जाती है कि वे कोई भी दवा, उपचार या नुस्खा अपनी मर्जी से ना आजमाएं। इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह लेना जरूरी है।