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जिले का एक ऐसा गांव जहां दो सालों से लगातार बिना हैण्डपंप चलाए निकल रहा पानी

पीएचई विभाग नहीं दे रहा ध्यान, बर्बाद हो रहा पानी

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A village in the district where water is coming out continuously for two years without running a hand pump

A village in the district where water is coming out continuously for two years without running a hand pump

डिंडोरी. जिले के मुढिय़ा कला गांव में स्थित हैंडपंप से अपने आप पानी निकलता है। हैरान करने वाली बातयह है कि हैंडपंप से पानी निकालने का सिलसिला दो साल से जारी है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बिना चलाए ही हैंडपंप से पानी की तेज धारा निकल रही है। जिससे न सिर्फ ग्रामीण बल्कि इलाके के मवेशी भी अपनी प्यास बुझाते हैं। हैंडपंप से अपने आप पानी निकलने से ग्रामीण खुश तो हैं लेकिन रोजाना सैंकड़ों लीटर शुद्ध पानी व्यर्थ में बह रहा है। जिसे लेकर ग्रामीण अफसोस जता रहे हैं। गौरतलब है कि वर्ष 2020 में मुढिय़ा कला गांव में पीएचई विभाग ने नलकूप खनन कराया था। तभी से लगातार इस हैंडपंप से कुदरती रूप से पानी निकलने का सिलसिला जारी है। पीएचई विभाग के अधिकारियों ने हैंडपम्प से बहने वाले पानी को संरक्षित करने कोई इंतजाम नहीं किए हैं और न ही स्थानीय प्रशासन ने इस ओर कोई ध्यान दिया है। एक तरफ जिले के कई गांवों में आज भी भीषण जलसंकट के हालात हैं तो वहीं मुढिय़ा कला गांव में प्रशासनिक लापरवाही के कारण प्रतिदिन सैंकड़ों लीटर शुद्ध पानी व्यर्थ में बह रहा है। ग्रामीण बताते हैं कि जुलाई महीने से दिसंबर तक इस हैंडपंप से अपने आप पानी निकलता है और जनवरी महीने से हैंडपंप को चलाने पर पर्याप्त मात्रा में पानी मिलता है।
दूर से विद्यार्थी लाते हैं पानी
अमरपुर. ग्रामीण क्षेत्र के सभी प्राथमिक माध्यमिक शालाओं में पेयजल व्यवस्था के लिए हैंडपंप स्थापित कर विद्युत मोटर से पानी पीने की व्यवस्था बनाई गई हैं। जबकि प्राथमिक शाला मुरता के हैंडपंप में मोटर लगाकर पाइप लाइन टंकी स्थापित किया गया जिसके बाद से वह बंद है। छात्रों को दूर आंगनबाड़ी के हैंडपंप में जाकर पानी पीना पड़ रहा है। बताया जा रहा है कि यह ऐसी ही स्थिति जिले के अन्य विद्यालयों में भी है। मोटर पंप लगाने के बाद पानी सप्लाई पूरी तरह से बंद है। जिसके चलते छात्रों को इसका समुचित लाभ नहीं मिल रहा है।