18 जनवरी 2026,

रविवार

Patrika LogoSwitch to English
icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

बालक आश्रम में छात्र की संदिग्ध मौत

इलाज न मिलने की वजह से छात्र ने दम तोड़ दिया

2 min read
Google source verification
विषाक्त पदार्थ सेवन

देवली. हनुमाननगर थाना क्षेत्र के टीकड़ गांव में 32 वर्षीय विवाहिता की विषाक्त पदार्थ सेवन करने से मृत्यु हो गई

डिंडोरी. मेंहदवानी विकासखंड मुख्यालय में स्थित आदिवासी बालक आश्रम में दूसरी कक्षा में पढऩे वाले छात्र संदिग्ध मौत हो गई है। छात्र का नाम महेंद्र मरावी बताया गया है। बताया गया है कि छात्रावास अधीक्षक रात को सभी छात्रों को खाना खिलाकर अपने घर चले गए। इसी दौरान रात को छात्र की हालत बिगड़ गई लेकिन समय पर इलाज न मिलने की वजह से छात्र ने दम तोड़ दिया। इस मामले में छात्रावास अधीक्षक का कहना है कि हॉस्टल में अधीक्षक आवास नहीं होने की वजह से बाहर कमरा लेकर रहना पड़ता है। घटना की खबर के बाद छात्र के परिजन भी सहमे हुए है। डॉक्टर का कहना है कि छात्र को मृत हालत में अस्पताल लाया गया था। समय रहते ईलाज मिल जाता तो छात्र की जान बच सकती थी। बड़ा सवाल यह है कि सरकारी हॉस्टल में लापरवाही से छात्र की कैसे मौत हुई है। देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या कोई कार्रवाई करता है। हालांकि एसडीएम ने मामले की जांच के आदेश दे दिए है। मेहंदवानी थाना क्षेत्र के ही कुसेरा में चार माह के बच्चे की मौत टीकाकरण के बाद हो गई। स्पष्ट तौर पर कारणों की जानकारी पीएम रिपोर्ट के बाद ही सामने आ सकेगी फिलहाल दोनों मामलों में सरकारी अमले की लापरवाही के आरोप लग रहे हैं।
दिया तले अंधेरा, गुटखा के पीकों से रंग रहा कलेक्ट्रेट
डिंडोरी। जिला मुख्यालय में प्रशासन स्वच्छता पर अनेक कार्यक्रम चला रहा है और स्वच्छता को लेकर कई अभियानों में प्रशासन की भागीदारी है लेकिन इन सभी बातों को धता बताता हुआ मुख्यालय के कलेक्ट्रेट परिसर में खिड़की दरवाजे पान, गुटखा, पाउच खाने वालों ने इसे बेरंग कर दिया है। खिड़की दरवाजो की हालत देखकर लगता है कि विगत काफी दिनों से उनकी सफाई नहीं की गई। ऐसे स्थान जहां पर जिले के वरिष्ठ अधिकारी बैठते हैं। वहीं के यह हाल दिया तले अंधेरा जैसी बात हुई। रोजाना वरिष्ठ अधिकारी यहां आते हैं, लेकिन इस गंदगी की ओर ध्यान देने की जहमत किसी ने नहीं उठाई। गौरतलब है कि शासकीय कार्यालयों में धूम्रपान निषेध व गुटखा पाउच खाकर गंदगी करने वालों पर जुर्माने के प्रावधान हैं। बावजूद इसके कभी किसी पर कार्रवाई नहीं होती है और औपचारिकता के लिये कार्यालयों में गुटखा पान, धूम्रपान प्रतिबंधित के बोर्ड लगा दिये जाते हैं।