
Health News: हार्मोंस में गड़बड़ी, थायरॉइड, दवाइयों के दुष्प्रभाव व आनुवांशिक बीमारियों से मोटापा बढ़ता है। होम्योपैथी में ऐसी दवाइयां हैं जिनसे इसे कम किया जा सकता है।
पेट बाहर और ज्यादा पसीना :
ऐसे व्यक्ति जिनका मोटापे के कारण पेट बाहर निकल रहा हो, ओवरवेट और थुलथुला बदन हो, ज्यादा पसीना आए विशेषकर सिर पर जिसमें खट्टी बदबू आती हो, ना पचने वाली चीजें जैसे मिट्टी, चूना, चौक व पेंसिल खाने का मन करे तो उन्हें कैलकेरिया कार्ब (30 पोटेंसी) दी जाती है। अनियमित माहवारी हो: मोटापे के साथ, अनियमित माहवारी व कब्ज की शिकायत हो तो ऐसी महिलाओं को ग्रेफाइटिस (30 पोटेंसी) दवा दी जाती है। (नोट: दवा का प्रयोग विशेषज्ञ की सलाह से ही करें)
ये लक्षण भी खाकर भी भूख लगती हो :
दिनभर खाने के बाद भी पेट न भरना, खाने से संतुष्टि ना होना और ज्यादा भूख की शिकायत वालों को आयोडियम (30 पोटेंसी) देते हैं।
थायरॉइड हो :
मोटापे के साथ थायरॉइड होने पर फ्यूकस-वी मदर टिंचर देते हैं। मोटापा घटाने में फायटोलिका बेरी मदर टिंचर भी देते हैं। इनकी 10-15 बूंदें दिन में तीन बार आधा कप पानी में लेनी होती हैं।
ध्यान रखें : सुबह एक घंटा वॉक करें। ज्यादा चीनी, नमक ना लें।
Published on:
22 Jul 2021, 10:40 PM IST
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