कंटकारी का काढ़ा पीने से ये बीमारियां रहेगी दूर

आयुर्वेद में कंटकारी के कई फायदे हैं। इसकी पत्तियों के किनारों पर कांटे होते हैं और इसमें बैंगनी रंग के फूल आते हैं।

पोषक तत्व: इसमें ग्लाइकोसाइड्स, प्रोटीन, सैपोनिन्स, लेवोनोएड्स, पोटैशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम, फास्फोरस आदि होते हैं। ये पोषक तत्व शरीर के लिए जरूरी होते हैं। इनकी कमी होने से रोग प्रतिरोधक क्षमता को तो नुकसान होता ही है साथ ही कई बीमारियां होने का खतरा भी बना रहता है।
इन बीमारियों में मिलता आराम
दमा: होने पर 20-40 मिलीग्राम जड़ का काढ़ा या 2-5 मिलीग्राम पत्तों का रस या फल के अलावा पूरे पौधे को सुखाकर चूर्ण बना लें और 3-6 ग्राम शहद के साथ सुबह-शाम लेने से आराम मिलेगा।

खांसी: में 15-20 मिलीग्राम पंचांग का काढ़ा 1 ग्राम कालीमिर्च के साथ लेने से आराम मिलता है।
पुरानी खांसी: है तो 2-5 मिलीग्राम पत्तों का रस, आधा ग्राम छोटी पीपल व शहद मिलाकर काढ़ा सुबह-शाम पीना चाहिए।
जोड़ों के दर्द: में 20-30 मिलीग्राम जड़ का काढ़ा दिन में २-3 बार पीना चाहिए।
यूरिन नली में पथरी: होने पर पौधे का रस 10-15 मिलीग्राम पीने से लाभ मिलेगा। पत्तों के रस लेपन से मुंहासे व झाइयां ठीक होती हैं।

वैद्य लीलाधर शर्मा, आयुर्वेद विशेषज्ञ

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Jitendra Rangey
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