
weight loss surgery
Weight Loss Surgery : एक नए अध्ययन के अनुसार, प्रीडायबिटीज़ (Prediabetes) और गंभीर मोटापे से ग्रस्त लोग जिन्होंने मेटाबॉलिक और बेरिएट्रिक सर्जरी कराई, उनके टाइप 2 डायबिटीज़ (Type 2 Diabetes) विकसित होने की संभावना 20 गुना कम हो गई।
अध्ययन में पाया गया कि वजन घटाने (Weight loss) की सर्जरी जैसे कि रौक्स-एन-वाई गैस्ट्रिक बाईपास या स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी के बाद केवल 1.8 प्रतिशत मरीजों में पांच साल के भीतर डायबिटीज़ विकसित हुई।
10 साल बाद यह संख्या 3.3 प्रतिशत और 15 साल बाद 6.7 प्रतिशत हो गई, पेंसिल्वेनिया, यूएस के गीजिंगर मेडिकल सेंटर के शोधकर्ताओं के अनुसार।
टीम ने पाया कि डायबिटीज़ (Diabetes) के खिलाफ सुरक्षात्मक प्रभाव गैस्ट्रिक बाईपास मरीजों में अधिक है। दूसरी ओर, जिन मरीजों ने मेटाबॉलिक सर्जरी नहीं कराई, उनमें से लगभग एक तिहाई (31.1 प्रतिशत) ने पांच साल के भीतर प्रीडायबिटीज़ को डायबिटीज़ में बदलते देखा, जो कि 10 और 15 साल में क्रमशः 51.5 प्रतिशत और 68.7 प्रतिशत हो गया।
"यह पहला अध्ययन है जिसने प्रीडायबिटीज़ (Prediabetes) की संभावित प्रगति पर मेटाबॉलिक और बेरिएट्रिक सर्जरी के दीर्घकालिक प्रभाव का विश्लेषण किया है, और इसका प्रभाव महत्वपूर्ण और टिकाऊ है," गीजिंगर के बेरिएट्रिक सर्जन और सह-लेखक डेविड पार्कर ने कहा।
"यह प्रदर्शित करता है कि मेटाबॉलिक सर्जरी डायबिटीज़ के उपचार के साथ-साथ उसकी रोकथाम भी है।"
प्रीडायबिटीज़ एक गंभीर स्थिति है जिसमें रक्त शर्करा का स्तर सामान्य से अधिक होता है, लेकिन टाइप 2 डायबिटीज़ के रूप में नहीं माना जाता।
इस अध्ययन के लिए, 2001 से 2022 के बीच रौक्स-एन-वाई गैस्ट्रिक बाईपास या स्लीव गैस्ट्रेक्टॉमी कराने वाले 1,326 प्रीडायबिटिक मरीजों की तुलना प्राथमिक देखभाल समूह के गैर-सर्जिकल नियंत्रण समूह से की गई।
अध्ययन को सैन डिएगो में चल रही अमेरिकन सोसाइटी फॉर मेटाबॉलिक एंड बेरिएट्रिक सर्जरी (ASMBS) 2024 वार्षिक वैज्ञानिक बैठक में प्रस्तुत किया गया।
(आईएएनएस)
Updated on:
12 Jun 2024 04:27 pm
Published on:
12 Jun 2024 04:20 pm
बड़ी खबरें
View Allरोग और उपचार
स्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
