
World Heart Day
World Heart Day : आईटी शहर बेंगलुरु में कई कारकों के कारण अधिक लोगों को दिल का दौरा पड़ रहा है। 29 सितंबर को मनाए जाने वाले विश्व हृदय दिवस के अवसर पर, विशेषज्ञों ने कोविड के बाद के परिदृश्य में जीवनशैली में बदलाव का आह्वान किया।
फोर्टिस अस्पताल, बैनरघट्टा रोड के वरिष्ठ सलाहकार मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जन डॉ. सुदर्शन जीटी ने आईएएनएस को बताया, "हृदय रोग अब युवाओं में बहुत तेजी से बढ़ रहा है और दिल का दौरा पड़ने वालों में से 25 प्रतिशत 45 वर्ष से कम आयु के हैं। ये न केवल बेंगलुरु में हैं बल्कि पूरे देश में यही स्थिति है ।
बेंगलुरु प्रीमैच्योर कोरोनरी आर्टरी डिजीज (पीसीएडी) रजिस्ट्री ने खुलासा किया है कि पिछले दो वर्षों में 40 वर्ष से कम आयु के रोगियों में हृदायघात के 2,500 से अधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से 1,250 नए मामले 35 वर्ष से कम आयु वालों में दर्ज किए गए हैं।
यह भी पढ़े-मधुमेह के लिए ये 5 फल हैं रामबाण, खाने से ब्लड शुगर लेवल रहेगा कंट्रोल में
डॉ. सुदर्शन ने कहा कि युवा वयस्कों को कई जोखिम कारकों का सामना करना पड़ता है जैसे उच्च रक्तचाप, मोटापा, मधुमेह, उच्च कोलेस्ट्रॉल, कोविड-19 (जिससे हृदय की समस्याएं हो सकती हैं), पारिवारिक इतिहास, तनाव और शराब का दुरुपयोग।
ये कारक इस आयु वर्ग में हृदय रोग में योगदान दे सकते हैं, जिससे ठंडे पसीने, थकान, चक्कर आना, मतली, ऊपरी शरीर में दर्द या बेचैनी और सांस लेने में तकलीफ जैसे चेतावनी संकेतों को पहचानना महत्वपूर्ण हो जाता है।
उन्होंने कहा, इन जोखिमों को कम करने के लिए, युवा वयस्कों को नियमित रूप से व्यायाम करने, स्वस्थ वजन बनाए रखने, पौष्टिक आहार खाने, तनाव प्रबंधन करने, धूम्रपान छोड़ने और नियमित रूप से हृदय जांच करवाने जैसे जीवनशैली में बदलाव पर ध्यान देना चाहिए, खासकर अगर हृदय रोग का पारिवारिक इतिहास है।
यह भी पढ़े-चॉकलेट प्रेमियों के लिए अच्छी खबर: चॉकलेट खाने से हृदय रोग का खतरा कम हो सकता है
एसएल रहेजा अस्पताल के सलाहकार इंटरवेंशनल कार्डियोलॉजिस्ट डॉ. हरीश मेहता ने कहा कि दिल का दौरा पड़ने वाले युवाओं की संख्या में वृद्धि हुई है और यह जीवन की खराब गुणवत्ता और गतिहीन जीवनशैली के कारण है। दिल का दौरा तब होता है जब हृदय में रक्त प्रवाह कम हो जाता है क्योंकि अंग नियमित ऑक्सीजन की आपूर्ति पर काम करता है, जो उसे रक्त के माध्यम से प्राप्त होता है।
युवाओं में दिल का दौरा पड़ने के कारणों को गैर-समायोज्य और संशोधनीय जोखिम कारकों में वर्गीकृत किया गया है। संशोधनीय जोखिम यह हैं कि लोग धूम्रपान से बच सकते हैं, क्योंकि यह धमनियों को नुकसान पहुंचाता है, माइक्रोकिरुलेशन स्तर को नुकसान पहुंचा सकता है और लिपिड मेटाबॉलिज्म को प्रभावित कर सकता है। ड्रग्स के दुरुपयोग से कोरोनरी धमनी का संकुचन होता है, जिससे दिल का दौरा पड़ता है। डॉ. हरीश मेहता ने कहा कि मोटापा और तनाव भी हृदय को प्रभावित करते हैं, इसलिए लोगों को नियमित रूप से व्यायाम करना चाहिए और समय पर सोना चाहिए।
(आईएएनएस)
Updated on:
29 Sept 2023 12:59 pm
Published on:
29 Sept 2023 12:58 pm
बड़ी खबरें
View Allरोग और उपचार
स्वास्थ्य
ट्रेंडिंग
लाइफस्टाइल
