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गार्गी पर छाया कोविड का ग्रहण, प्रियदर्शिनी को भी प्रोत्साहन की प्रतीक्षा

गार्गी एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी अवार्ड का मामला, बसंत पंचमी पर नहीं हुए कार्यक्रम

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गार्गी पर छाया कोविड का ग्रहण, प्रियदर्शिनी को भी प्रोत्साहन की प्रतीक्षा

गार्गी पर छाया कोविड का ग्रहण, प्रियदर्शिनी को भी प्रोत्साहन की प्रतीक्षा

बनकोड़ा (डूंगरपुर). बसंत पंचमी पर मेधावी बेटियों को प्रोत्साहित करने के ध्येय से हर वर्ष आयोजित होने वाला गार्गी एवं इंदिरा प्रियदर्शिनी अवार्ड कार्यक्रम कोविड-19 की भेंट चढ़ गया है। इस वर्ष भी बालिकाएं प्रोत्साहन की प्रतीक्षा में दिन गुजार रही हैं। बालिका शिक्षा फाउंडेशन तथा शिक्षा विभाग के संयुक्त तत्वावधान में गत वर्ष जिले के सभी ब्लॉक में बसंत पंचमी पर समारोह आयोजित कर 584 गार्गी एवं 658 को बालिका प्रोत्साहन सहित 29 बेटियों को इंदिरा प्रियदर्शिनी अवार्ड दिया गया था।


यह हैं योजना
गार्गी योजना: गार्गी पुरस्कार के तहत दसवीं बोर्ड की छात्राओं को 75 या इससे अधिक प्रतिशत अंक पर गार्गी पुरस्कार तथा बारहवीं की छात्राओं को 75 या अधिक प्रतिशत अंक पर बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार से नवाजा जाता है। गार्गी पुरस्कार के तहत बालिका को तीन हजार रुपए एवं बालिका प्रोत्साहन के रुप में 12वीं की बालिका को पांच हजार रुपए का पुरस्कार तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाता है।
इंदिरा प्रियदर्शनी योजना: आठवीं, दसवीं और बारहवीं की विभिन्न वर्ग में जिला स्तर पर प्रथम रही छात्राओं को पुरस्कार स्वरूप आर्थिक सहायता दी जाती है। इस योजना में सामान्य, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, अल्पसंख्यक वर्ग, बीपीएल तथा नि:शक्त वर्ग इन आठ वर्गों को शामिल किया जाता है। योजना के लिए सरकारी और निजी विद्यालय में अध्यनरत छात्राएं पात्र होती हंै। योजना के तहत आठवीं की छात्रा को 40 हजार, 10वीं की छात्रा को 75 हजार एवं 12वीं की छात्रा को एक लाख रुपए दिए जाते हैं। योजना में व्यावसायिक शिक्षा की बालिकाओं को भी शामिल किया है।


2021 में नहीं हुई थी परीक्षा
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर ने कोरोना की दूसरी लहर के चलते माध्यमिक तथा उच्च माध्यमिक की वर्ष 2021 में परीक्षाएं नहीं करवा कर विशेष फार्मूले के तहत परिणाम घोषित किया था। इससे परीक्षार्थियों के अंक प्रतिशत में जबरदस्त उछाल आया था। इससे प्रतिभावान बालिकाओं की संख्या में भी काफी इजाफा हुआ। अनुमान के मुताबिक 10वीं तथा 12 वीं की करीब सात लाख छात्राओं ने 75 प्रतिशत या इससे अधिक प्रतिशत अंक प्राप्त किए थे। यह गत वर्षों की तुलना में काफी अधिक हैं।


बेटियां कर रही हैं इंतजार
परिणाम घोषणा के बाद अधिकांश बालिकाएं प्रतिभावान के श्रेणी में आ गई हैं। गार्गी तथा बालिका प्रोत्साहन पुरस्कार से नवाजे जाने का इंतजार कर रही थी। उन्हें प्रोत्साहित किए जाने के संबंध में कहीं से कोई खबर नहीं आ रही है। ऐसे में प्रतिभावान बालिकाएं इंतजार ही करती रह गई है।


2020: इतनी बेटियों को मिला था अवार्ड
जिले में गार्गी योजना के तहत 584, बालिका प्रोत्साहन में कला की 352, वाणिज्य की 26, विज्ञान की 280 बेटियां लाभान्वित हुई थी। वहीं, इन्दिरा प्रियदर्शिनी में 29 बेटियों सहित कुल 1271 बेटियों को प्रोत्साहित किया था।