3 नवंबर 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

नई पहल, अब शादी कार्ड पर अंकित होगी दूल्हा-दुल्हन की जन्म तिथि, निर्देश जारी

Rajasthan News : नई पहल। अब विवाह निमंत्रण पत्र पर दूल्हा-दुल्हन की जन्म तिथि अंकित होगी। जानें किस वजह से इसे शुरू किया गया है। जिला कलक्टर ने निर्देश जारी किए हैं।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

डूंगरपुर

•

image

Sanjay Kumar Srivastava

•

Updated: 16 May 2024, 1:47 PM IST

Rajasthan Dungarpur New initiative Now Wedding Card Mentioned Bride and Groom Birth Date Collector issued instructions

अब विवाह निमंत्रण पत्र पर दूल्हा-दुल्हन की जन्म तिथि अंकित होगी

Rajasthan News : डूंगरपुर जिल प्रशासन की नई पहल। अब वैवाहिक आयोजनों के लिए छपने वाले निमंत्रण पत्र में बकायदा दूल्हा-दुल्हन की जन्म तिथि भी अंकित करनी होगी, ताकि दूल्हा-दुल्हन की उम्र की जानकारी सामने आ सके एवं यदि किसी जगह बाल विवाह की तैयारी हो रही है, तो उसे भी समय पर रोका जा सके। जिला प्रशासन ने बाल विवाह की रोकथाम को लेकर इसे लेकर निर्देश जारी किए हैं। जिसके अनुसार विवाह के लिए छपने वाले निमंत्रण पत्र में वर-वधु के आयु प्रमाण व जन्म तिथि प्रिन्ट करने को कहा हैं।

नियंत्रण कक्ष होंगे स्थापित, रखी जाएगी निगरानी

बाल विवाह रोकथाम को लेकर पीपल पूर्णिमा जैसे अबूझ सावों पर जिला एवं उपखण्ड कार्यालय में नियंत्रण कक्ष स्थापित कर सतत निगरानी रखी जाएगी। वहीं, नियंत्रण कक्ष का दूरभाष नंबर सार्वजनिक स्थानों पर चस्पा किया जाएगा। बाल विवाह रोकथाम के लिए 181 कॉल सेन्टर पर तथा पुलिस नियंत्रण कक्ष 100 नंबर पर कॉल पर कभी भी शिकायत दर्ज करवाई जा सकती हैं।

यह भी पढ़ें -

राजस्थान के इस जिले के 2 सरकारी स्कूलों की अनूठी पहल, जानकर कहेंगे, वाह

विभिन्न स्तरों पर होंगे प्रयास

कलक्टर अंकित कुमार सिंह ने बताया कि जिले में बाल विवाह के रोकथाम के लिए जिला एवं ब्लॉक स्तर पर गठित विभिन्न सहायता समूह, महिला समूह, स्वास्थ्य कार्यकर्ता, आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, महिला सुरक्षा सखी, साथिन सहयोगिनी के कोर ग्रुप को सक्रिय किया जाएगा। विवाह कार्यक्रम में हलवाई, बैण्ड बाजा, पंडित, बाराती, टेन्ट वाले, ट्रांसपोर्टर आदि से बाल विवाह में सहयोग न करने का आश्वासन लेकर कानून की जानकारी दी जाएगी।

पुलिस स्टेशन में सूचना देने के लिए किया जाएगा पाबंद

जनप्रतिनिधियों व प्रतिष्ठित व्यक्तियों के साथ चेतना बैठकों का आयोजन, ग्राम सभाओं में सामूहिक रूप से बाल विवाह के दुष्प्रभावों की चर्चा करना व रोकथाम की कार्रवाई करना, बाल विवाह रोकथाम के लिए किशोरियों, महिला समूहों, स्वयं सहायता समूहों व विभिन्न विभागों के कार्यकर्ता जैसे-स्वास्थ्य, वन, कृषि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग, शिक्षा विभाग के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। कार्मिकों को बाल विवाह होने पर निकट के पुलिस स्टेशन में सूचना देने के लिए पाबंद किया जाएगा।

यह भी पढ़ें -

आगंनबाड़ी केंद्रों के लिए राजस्थान सरकार की नई व्यवस्था, अब नए बर्तनों में भोजन करेंगे ‘नौनिहाल’