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Rajasthan : राजस्थान के शिक्षा विभाग की ओर से शाला दर्पण पोर्टल को हाईटेक बनाने की कवायद को झटका लगा है। पोर्टल के इंफ्रास्ट्रक्चर मॉड्यूल को अपडेट करने और स्कूल का नजरी नक्शा अपलोड करने के आदेशों को हवा में उड़ा दिया गया है। प्रदेश में 10,291 सरकारी विद्यालय इस कार्य को समय पर पूरा नहीं कर पाए हैं। शिक्षा निदेशालय की ओर से जारी की गई सूची में डूंगरपुर जिले के 613 स्कूल भी शामिल हैं, जिसमें सीमलवाड़ा और दोवड़ा ब्लॉक का प्रदर्शन सबसे निराशाजनक रहा है।
निदेशालय के आदेशानुसार, सभी सरकारी स्कूलों को शाला दर्पण पोर्टल पर अपने बुनियादी ढांचे की सटीक जानकारी देनी थी। इसके तहत स्कूल के मुख्य द्वार, मुख्य भवन, शौचालय, पेयजल स्रोत, मिड-डे-मील किचन, खेल मैदान और चारदीवारी के जियो-टैग फोटो के साथ-साथ पूरे परिसर का नजरी नक्शा पीडीएफ फॉर्मेट में अपलोड करना अनिवार्य था।
विभाग ने साफ किया है कि इस मॉड्यूल में किसी भी प्रकार की गलत प्रविष्टि या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यदि जानकारी गलत पाई जाती है, तो सीधे तौर पर संस्था प्रधान की जिम्मेदारी तय की जाएगी। इसके बावजूद हजारों स्कूलों ने तय समय सीमा बीत जाने के बाद भी डेटा अपलोड नहीं किया है।
नजरी नक्शा और फोटो अपलोड करने के मामले में उदयपुर संभाग का रिकॉर्ड काफी खराब रहा है। संभाग के कुल 3,847 स्कूल इस कार्य में पीछे रह गए हैं। इनमें सबसे बदतर स्थिति उदयपुर जिले की है, जहां 1,326 स्कूलों ने काम पूरा नहीं किया।
बांसवाड़ा 653
चित्तौड़गढ़ 360
डूंगरपुर 613
प्रतापगढ़ 297
राजसमंद 282
सलूम्बर 316
उदयपुर 1326।
योग 3847
आसपुर 30
बिछीवाड़ा 27
चिखली 13
दोवड़ा 119
डूंगरपुर 56
गलियाकोट 37
गामड़ी अहाड़ा 10
झौथरी 58
पाल देवल 16
साबला 31
सागवाड़ा 70
सीमलवाड़ा 146।
योग- 613
एक अन्य खबर के अनुसार डाइट के लिए जारी पंचांग 2026-27 के तहत योजना एवं प्रबन्ध प्रभाग की अनुमोदित गतिविधियों की अनुपालना में जिला एवं ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों का आमुखीकरण प्रशिक्षण बुधवार को डाइट डूंगरपुर में हुआ। डाइट प्राचार्य लक्ष्मीकान्त चौबीसा ने बताया कि इस आमुखीकरण में नवीन सत्र में आयोजित होने वाले विभिन्न कार्यक्रमों की रूपरेखा समझी। उद्घाटन सत्र में परिचयात्मक जानकारी के साथ ही प्रभागाध्यक्ष दीपक चौबीसा ने डाइट के वार्षिक पंचांग एवं प्रभागों के कार्यों पर बिंदुवार जानकारी साझा की।
प्रथम सत्र में सीएमडीई प्रभाग के प्रभागाध्यक्ष धर्मेश जैन ने 'टीचिंग-लर्निंग प्रैक्टिस सर्वे 2025' पर प्रस्तुतीकरण दिया। अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के प्रतिनिधि विनोद शर्मा ने सत्र में आयोजित होने वाले एफ.एल.एन. वेबिनार, क्लस्टर कार्यशाला व डेमो कक्षा के बारे में जानकारी दी। विनीत पंवार ने जिले के सभी विद्यालयों में इस सत्र से स्टैम कार्यक्रम को प्रभावी रूप से लागू करने की कार्ययोजना के बारे में बताया।
उत्कर्ष सुथार ने राजकीय विद्यालयों में पुस्तकालयों के बेहतर संचालन, नवीनीकरण तथा सुदृढ़ीकरण की बात कही। डाइट उपप्राचार्य अजय जैन ने 'खुशी शाला खुद की खोज' विषय पर जानकारी देते हुए स्कूलों में कॉमिक्स बुक्स के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया।
Published on:
25 Jun 2026 12:11 pm
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