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Rajasthan Wine Shop : ‘चखने’ की आड़ में चल रहा अवैध ‘बार’ का खेल, आबकारी नियमों की धज्जियां उड़ा रहे शराब ठेके

Rajasthan Wine Shop : राजस्थान में शराब व बीयर की दुकानों में बैठकर पीने-पिलाने पर पाबंदी है। लेकिन डूंगरपुर जिले में 'चखने' की आड़ में अवैध 'बार' का खेल चल रहा है। वहीं जिम्मेदार मौन हैं।

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Rajasthan Wine Shop flouting excise rules Responsible silence

Dungarpur Wine Shop : डूंगरपुर औद्योगिक क्षेत्र के आगे शराब की दुकान के अंदर बैठकर शराब पीते हुए लोग। फोटो ​पत्रिका

Rajasthan Alcohol: राजस्थान में वैसे तो शराब व बीयर की दुकानों (ठेकों) पर बैठकर पीने-पिलाने पर पाबंदी है, लेकिन डूंगरपुर जिले में ये नियम सिर्फ कागजों तक ही सीमित नजर आ रहे हैं। जिले में शहर से लेकर ग्रामीण इलाकों तक शराब की दुकानें अवैध 'बार' में तब्दील हो चुकी हैं। इन दुकानों के आस-पास से गुजरने वाले आम राहगीरों और महिलाओं को असुविधा व असहजता का सामना करना पड़ रहा है।

हैरत की बात यह है कि जिम्मेदारों को इन ठिकानों की पूरी जानकारी है, इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई करने से कतरा रहे हैं। ठेका संचालकों की मनमानी का आलम यह है कि वे न सिर्फ तय समय में शराब की बिक्री कर रहे हैं, बल्कि शौकीनों को लुभाने के लिए दुकानों के भीतर ही बैठकर पीने की तमाम अवैध सुविधाएं भी उपलब्ध करा रहे हैं।

रात 8 बजे बाद जनरल स्टोर बन जाते हैं 'अवैध ठेके'

डूंगरपुर जिले में शराब माफियाओं ने कार्रवाई से बचने के लिए एक नया तरीका निकाला है। ठेकेदारों ने अपनी मुख्य दुकानों के ठीक पास में 'जनरल स्टोर' या 'चखने की दुकानें' खुलवा रखी हैं। दिन के समय इन दुकानों में पानी, कोल्ड ड्रिंक और चखना मिलता है, लेकिन रात 8 बजे शराब ठेके बंद होने का समय होते ही ये दुकानें 'अवैध मिनी आबकारी डिपो' में बदल जाती हैं। रात 8 बजे के बाद इन दुकानों के भीतर रखी शराब और बीयर को ऊंचे दामों पर बेचा जाता है। मजबूरी का फायदा उठाकर दुकानदार देर रात तक पियक्कड़ों से प्रति बोतल दोगुनी राशि वसूलते हैं।

भीतर बैठाई जा रही महफिल

जिले में आबकारी विभाग के तहत कुल 50 शराब के ठेके स्वीकृत हैं, जिनमें से 7 ठेके अकेले डूंगरपुर शहर में संचालित हैं। नियमों के विपरीत, इन दुकानों के भीतर ही ग्राहकों को बैठाकर खुलेआम शराब पिलाई जा रही है। विशेषकर शहर के औद्योगिक क्षेत्र के आगे स्थित शराब की दुकान और रेलवे स्टेशन के समीप संचालित ठेके के भीतर दिन-रात महफिलें सज रही हैं। ठेकेदारों ने शराबियों के लिए 'चखना' (नमक-सलाद आदि) की भी विशेष व्यवस्था कर रखी है। इस अवैध ढर्रे से ठेकेदारों की आमदनी तो दोगुनी हो रही है, लेकिन कानून-व्यवस्था की सरेआम धज्जियां उड़ रही हैं।

कानूनन सख्त कार्रवाई का है प्रावधान

राजस्थान राज्य के नियमों के अनुसार, किसी भी शराब की दुकान के अंदर, बाहर या सार्वजनिक स्थान पर खुले में बैठकर शराब पीना और पिलाना पूरी तरह गैर-कानूनी और प्रतिबंधित है। ऐसा पाए जाने पर आबकारी विभाग को दुकानदार का लाइसेंस निलंबित करने, भारी जुर्माना लगाने तथा पीने वाले व्यक्ति को गिरफ्तार करने के सख्त कानूनी अधिकार हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर यह कार्रवाई केवल औपचारिकता तक सिमटी है।

सख्त कार्रवाई की जाएगी

शराब की दुकान के अंदर बैठाकर शराब पिलाना गैर कानूनी है। उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भरत मीणा, जिला आबकारी अधिकारी, डूंगरपुर

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