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दुर्ग के एक बड़े निजी कॉलेज के डॉयरेक्टर के खिलाफ न्यायालय में चलेगा धोखाधड़ी का मुकदमा

छात्रवृत्ति, कॉलेज से होने वाले ऑय को छिपाने व संस्थाओं के नाम से सील बनाकर प्रयोग करने के मामले में अपोलो कॉलेज के डायरेक्टर पर अब मुकदमा चलेगा।

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Durg crime

अपोलो कॉलेज के डॉयरेक्टर के खिलाफ न्यायालय में चलेगा धोखाधड़ी का मुकदमा

दुर्ग. छात्रवृत्ति, कॉलेज से होने वाले ऑय को छिपाने, पूर्व छात्रों के नाम पर शासन से राशि लेने और सरकारी अधिकारी व संस्थाओं के नाम से सील बनाकर प्रयोग करने के मामले में अपोलो कॉलेज के डायरेक्टर पर अब मुकदमा चलेगा। पुनरीक्षण याचिका पर फैसला सुनाते न्यायाधीश शोभना कोष्टा ने धोखाधड़ी का का प्रकरण दर्जकरने का आदेश दिया है। अपोलो कॉलेज के डायरेक्टर मनीष जैन, संजय अग्रवाल व आशीष अग्रवाल पर कूटरचना करना, धोखाधड़ी करने की धारा के तहत न्यायालय ने प्रकरण दर्ज किया है।

पूर्व कर्मचारियों ने न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका प्रस्तुत किया
इस मामले में अंजोरा स्थिति अपोलो कॉलेज के पूर्व कर्मचारियों ने न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका प्रस्तुत किया था। याचिका में जानकारी दी थी कि पर्याप्त साक्ष्य व कथन के बाद भी निचली अदालत ने कॉलेज के डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज नही किया। उन्होंने परिवाद के साथ दस्तावेज प्रस्तुत कर न्यायालय में विचारण के लिए प्रस्तुत किया था।

परिवाद में किया गया खुलासा
1. डायरेक्टर केवल शिक्षण शुल्क का ऑडिट कराते है। जबकि नियमत: ऑडिट कॉलेज के प्रत्येक मद का करना चाहिए। वे अन्य मद में लिए गए शुल्क को अलग से निवेश करते हैं।
2. अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्गके छात्रों को मिलने वाली छात्रवृत्ति में कटौती की जाती है।
3.छात्रावास का शुल्क शासन से मिलने के बाद छात्रों से अलग से शुल्क लिया जाता है।
4. पढ़ाईपूरी कर कॉलेज से निकल चुके छात्रों के नाम से भी शासन से राशि ली जाती है।
5. कॉलेज में केवल 20 शिक्षक है। निरीक्षणके समय गलत तरीके से शिक्षक की भर्तीबताया जाता है। जिसकी संख्या 20 से अधिक हो जाती है।
6. कॉलेज में बैंक ऑफ इंडिया, ग्राम पंचायत, एसडीएम समेत अन्य सील गलत ढग से बनाया गया है।

परिवादी के खिलाफ भी है अपराध दर्ज
न्यायालय में पुनरीक्षण याचिका सुकुमार भट्टाचार्य, राजू देवांगन, हिमांशु वेगड़े व संतोष कुमार ने प्रस्तुत किया है। खास बात यह है कि दो वर्षपहले कॉलेज प्रबंधन ने इन्हीं लोगों के खिलाफ अंजोरा चौकी में शिकायत की थी कि कर्मचारियों ने लाखों की गड़बड़ी की है। छात्रों से ली जानी वाली फीस को कोष में जमा ही नहीं किया। कॉलेज की शिकायत पर पुलिस ने धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।