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शर्मनाक: इस सरकारी जगह में रहना है तो किस्तों में बच्चों को देना पड़ता है पैसा…

बाल संपे्रक्षण गृह पुलगांव के प्लेस ऑफ सेफ्टी में रहने वाले बच्चों ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है
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दुर्ग

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Dakshi Sahu

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Updated: 10 Jun 2018, 11:30 AM IST

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शर्मनाक: इस सरकारी जगह में रहना है तो किस्तों में बच्चों को देना पड़ता है पैसा...

दुर्ग. बाल संपे्रक्षण गृह पुलगांव के प्लेस ऑफ सेफ्टी में रहने वाले बच्चों ने गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की है कि यहां रुपए नहीं देने वाले बच्चों के साथ मारपीट की जा रही है। जानकारी के मुताबिक घटना दो दिन पहले ही सार्वजनिक हुई है। दबंग अपचारी बच्चों से परेशान होकर हाउस फादर से शिकायत की।

आए दिन मांगते हैं पैसा, नहीं देने पर पिटाई
हाउस फादर ने काउंसलिंग की, पीडि़त अपचारी ने खुलासा किया अपचारी बच्चों ने गैंग बनाई है। जो आए दिन पैसे मांगते हैं। नहीं देने पर उन्हें पीटा जाता है। एक अपचारी बच्चे ने तो किस्तों में 5000 रुपए देने का खुलासा किया है। हालांकि रुपए मांगने और मारपीट किए जाने पर अधिकारियों ने चुप्पी साध ली है।

प्रभार बदला, नहीं आए अधिकारी
पंद्रह दिन के अंतराल में बाल संप्रेक्षण गृह से अपचारी बच्चों के भागने की घटना हुई। भागे हुए बच्चों में चार अपचारी अब तक नहीं लौटे हंै। इस घटना के बाद चौथी बार प्रभारी अधीक्षक बदला गया। वर्तमान अरुणा कामले से प्रभार लेकर पाटन के परियोजना अधिकारी सुमीत गंडेजा को दिया है। बाल संप्रेक्षण गृह के कर्मचारियों का कहना है कि प्रभार बदलने के बाद प्रभारी अधीक्षक अब तक निरीक्षण के लिए नहीं पहुंचे हैं।

यह अव्यवस्था भी
संप्रेक्षण गृह में रहने वाले अपचारी बच्चों के लिए परिसर में अलग-अलग स्थानों पर तीन बोर है। गर्मी में भूजल स्तर नीचे चले जाने के कारण दो बोर से केवल हवा निकल रहा है। वहीं एक पंप की धार पतली है। पानी की कमी को देखते हुए नगर निगम को टैंकर से पानी आपूर्ति करने पत्र लिखा गया है, लेकिन पानी 24 घंटे में एक बार या 36 घंटे में आता है।

मुझे जानकारी नहीं
कार्यक्रम अधिकारी महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग गुरप्रीत कौर ने बताया कि मामले की जानकारी उन्हें नहीं है। शिकायत गंभीर है। इस मामले में प्रभारी अधिकारी से जानकारी ली जाएगी। उसके बाद उचित कार्रवाई की जाएगी।