
दुर्ग . भाजपा के राष्ट्रीय सहसंगठन महामंत्री सौदान सिंह के सामने प्रशासनिक अफसरों के कामकाज को लेकर मंडल अध्यक्षों की असंतोष सामने आया। मंडल अध्यक्षों ने कहा कि अफसर, मंत्री और विधायकों तक पहुंच का हवाला देकर टाल देते हैं। हालात यह है कि वे पेंशन, आर्थिक सहायता, पीएम आवास, उज्ज्वला योजना से जुड़े छोटे से छोटा काम भी नहीं करवा पा रहे हैं। ऐसे में आगे किस मुंह से वोट मांगने जाएं। बालोद के नेताओं ने विधायक नहीं होने के कारण अफसरों द्वारा नहीं सुनने की समस्या बताई।
सौदान सिंह ने यहां जिला भाजपा कार्यालय में दुर्ग व बालोद जिले के नेताओं और भाजपा से जुड़े जनप्रतिनिधियों की बैठक ली। बंद कमरे में करीब 5 घंटे चले मैराथन बैठक में उन्होंने सिलसिलेवार प्रत्येक मंडल अध्यक्षों से जानकारी ली। संगठन और सरकार को लेकर सुझाव भी मांगें। इस दौरान दोनों जिले के कई मंडल अध्यक्ष खुलकर बोले।
बैठक में मंत्री रमशीला साहू,भाजपा की राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सरोज पांडेय , प्रदेश अध्यक्ष धरमलाल कौशिक, महामंत्री संगठन पवन साय, महामंत्री संतोष पांडेय, प्रदेश उपाध्यक्ष हेमचंद यादव, प्रदेश मंत्री निरंजन सिन्हा, जिला अध्यक्ष उषा टावरी, लेखराम साहू, महामंत्री देवेंद्र चंदेल, जिला पंचायत अध्यक्ष माया बेलचंदन, मेयर चंद्रिका चंद्राकर मौजूद थे।
सत्ता दिलाना संगठन का काम, इसलिए जुट जाएं
सबकी सुनने के बाद अंत में सौदानसिंह ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। इसमें शिकवे शिकायतों पर नाराजगी जाहिर करते हुए उन्होंने कहा कि सत्ता हासिल करना संगठन का काम है। सरकार का अपना काम है। इसलिए कार्यकर्ता अपने लक्ष्य पर ध्यान रखें और चुनाव की तैयारियों में गंभीरता से जुट जाएं।
विकास होगा मुद्दा, लक्ष्य दोनों जिले के सभी सीट
बैठक में उन्होंने कहा कि आगामी चुनाव का मुख्य मुद्दा विकास होगा। इसलिए इसी पर फोकस कर काम कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों जिले के सभी सीटों को जीतने का लक्ष्य रखा गया है। इसलिए कार्यकर्ता अभी से बूथ लेबल तक जाएं और शासन की योजनाओं के लाभार्थी परिवारों की सूची तैयार करें।
Published on:
28 Jan 2018 11:22 am
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