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सरकारी अभिलेख से ऐसी छेडख़ानी, जिस कॉलोनी में सांसद रहते है वहां का खसरा नंबर ही बदल दिया

सरकारी अभिलेख से ऐसी छेडख़ानी, जिस कॉलोनी में सांसद रहते है वहां का खसरा नंबर ही बदल दिया। इसी कॉलोनी में सांसद ताम्रध्वज साहू भी निवास करते हैं।

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सरकारी अभिलेख से ऐसी छेडख़ानी, जिस कॉलोनी में सांसद रहते है वहां का खसरा नंबर ही बदल दिया

दुर्ग@पत्रिका. शहर के पॉश कालोनी मीनाक्षी नगर बोरसी में आधा दर्जन से ज्यादा नागरिकों का खसरा नंबर बदल दिए जाने का मामला सार्वजनिक हुआ। बता दें कि इसी कॉलोनी में छत्तीसगढ़ से कांग्रेस का एकमात्र सांसद ताम्रध्वज साहू भी निवास करते हैं। इस मामले का खुलासा एक विचाराधीन प्रकरण की सुनवाई के दौरान हुआ। खुलासे के बाद पीडि़तों ने पटवारी के खिलाफ पद्मनाभपुर चौकी में शिकायत की है।

तत्कालीन पटवारी ने कूटरचित दस्तावेज जारी किया
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि मीनाक्षी नगर में वे 15 वर्ष से मकान बनाकर रह रहे हैं। जिस खसरा नंबर के प्लाट की रजिस्ट्री कराई है उसी नंबर के आधार पर उन्होंने नगर पालिक निगम से विधिवत अनुमति ली है। पांच वर्ष पहले तत्कालीन पटवारी ने कूटरचित दस्तावेज जारी किया है, जिसमें छह लोगों का खसरा नंबर बदल दिया है। इसी दस्तावेज के आधार पर गलत ढंग से शिकायतें भी की जा रही है।

इसलिए है अपराध
पीडि़तों का कहना है कि मीनाक्षी नगर की जमीन का अभी बदोबस्त नहीं हुआ है और न ही खसरा नबंर बदला गया है। ऐसी स्थिति में अभिलेख से छेडख़ानी करना अपराध है। विचाराधीन प्रकरण में भी पटवारी अभिलेख की सत्यापित प्रतिलिपि बदलने न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किया गया है। इसलिए यह अपराध की श्रेणी में आता है।

पटवारी सेवानिवृत्त
जानकारी के मुताबिक जिस रिपोर्ट को नागरिक गलत बता रहे है उसे तत्कालीन पटवारी केएल सोनवानी ने जारी किया है। वह सेवानिवृत्त हो गया है।

मामले की जांच की जा रही
चौकी प्रभारी पद्मनाभपुर शिव प्रसाद गेंदले ने बताया कि पटवारी के खिलाफ शिकायत मिली है। मामले की जांच की जा रही है। अभिलेखों का परीक्षण करने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी। उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी।

सत्यापित प्रति बदलने आवेदन लगाए जाने से प्रकरण सामने आया
अधिवक्ता श्यामला चौधरी ने कहा कि मोहल्ले में नाली सड़क को लेकर विवाद चल रहा है। प्रकरण राजस्व न्यायालय में विचाराधीन है। सुनवाई के दौरान सत्यापित प्रति बदलने आवेदन लगाए जाने से प्रकरण सामने आया। जांच के बाद एफआइआर दर्ज करने के लिए पुलिस चौकी में आवेदन दिया गया है।