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जमानत आवेदन में लगाया बीमारी का बहाना, कोर्ट ने कहा बीमार थे तो खाना खाने ढाबा क्यों गए?

न्यायाधीश विवेक कुमार तिवारी ने आवेदन पर फैसला सुनाते कहा कि प्रकरण गंभीर है। अगर कोई व्यक्ति बीमार रहता तो वह ढाबा के खाने से परहेज करता है।

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Durg crime

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दुर्ग. बाफना टोल प्लाजा में पिस्टल दिखाकर दबंगई दिखाने वालों आरोपियों की जमानत आवेदन न्यायालय ने खारिज कर दिया। एक आरोपी ने बीमारी का हवाला देकर न्यायालय से जमानत की गुजारिश की थी। न्यायालय ने इस टिप्पणी के साथ जमानत देने से इंकार कर दिया कि बीमार व्यक्ति दोस्तों के साथ आधी रात को ढाबा में भोजन करने नहीं जाता है।

टोल नाका में दंबगई दिखाने वाले आरोपी

नेहरु नगर-अंजोरा बायपास रोड पर बने टोल नाका में दंबगई दिखाने वाले आरोपी नेहरु नगर निवासी कवलजीत बाथ ने यह कहते हुए जमानत आवेदन प्रस्तुत किया था कि उसे फेट लीवर की समस्या है। इलाज की आवश्यकता है। न्यायाधीश विवेक कुमार तिवारी ने आवेदन पर फैसला सुनाते कहा कि प्रकरण गंभीर है। अगर कोई व्यक्ति बीमार रहता तो वह ढाबा के खाने से परहेज करता है।

बाफना टोल प्लाज़ा में पिस्टल लहराकर दिखाई थी दबंगई
प्रकरण के मुताबिक कवलजीत बाथ कार से अपने तीन साथियों के साथ खाना खाने ढाबा जा रहे थे। टोल टैक्स मांगने पर उनका विवाद बाफना टोल नाका के कर्मचारियों से हो गया। आधी रात हुए इस विवाद में कार सवार युवकों ने पिस्टल लहारते हुए टोल नाका के कर्मचारियों से 10 हजार की मांग की। युवकों के हाथ में पिस्टल देख कर्मचारी दहशत में आ गए। बाद में मोहन नगर थाना पहुंचकर एफआईआर कराया। टोल नाका के कर्मचारियों ने साक्ष्य के रुप में सीसी टीवी फुटेज उपलब्ध कराया। जिसके आधार पर मोहन नगर पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी की।

इस मामले के सभी आरोपी जेल में निरुद्ध
पुलिस ने इस मामले में सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल दाखिल करा दिया है। कार सवार युवकों के खिलाफ पुलिस ने गाली गलौच करने, जान से मारने की धमकी देने, पिस्टल लहराने और उगाही करने की धारा के तहत एफआईआर किया है।

जमानत के लिए इन बिदुओं को बनाया था आधार
-पुलिस ने पिस्टल उसके पास से जब्त नहीं किया है।
-टोल नाका के कर्मचारियों ने गलत जानकारी देकर एफआईआर कराया है।
-उसे फेट लीवर की बीमारी है। इलाज कराने की आवश्यकता है।