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Big Breaking: डेंगू से भिलाई में दो और मौत, मासूम अथर्व और पार्वती ने अस्पताल में ली अंतिम सांस, मौत का आंकड़ा पहुंचा 17

इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई। इनमें एक महिला और सात माह का मासूम है। गुरुवार को राजीव नगर निवासी पार्वती चौहान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Aug 16, 2018

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Big Breaking: डेंगू से भिलाई में दो और मौत, मासूम अथर्व और पार्वती ने अस्पताल में ली अंतिम सांस, मौत का आंकड़ा पहुंचा 17

भिलाई. डेंगू वायरस के कहर से मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। लोगों की लगातार मौत हो रही है। गुरुवार को इलाज के दौरान दो और लोगों की मौत हो गई। इनमें एक महिला और सात माह का मासूम है। गुरुवार को राजीव नगर निवासी पार्वती चौहान ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।

अकेले भिलाई में 17 लोगों की मौत
खुर्सीपार निवासी राकेश यादव के सात माह के बेटे अथर्व यादव ने सेक्टर-9 चिकित्सालय में मौत हो गई। अकेले भिलाई में अब तक डेंगू से कुल 17 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से १० लोग खुर्सीपार क्षेत्र के रहने वाले हैं। सुपेला, केम्प, संतोषीपारा, टाउनशिप और नगर पालिक निगम चरोदा के वार्ड-१ इंदिरा नगर के थे।

जिले के तीनों निकाय में फैला महामारी
जिले के तीनों नगर पालिक निगम दुर्ग, भिलाई और चरोदा महामारी की चपेट में है। जिला प्रशासन ने भिलाई निगम क्षेत्र के २२ वार्ड संवेदनशील क्षेत्र है। दुर्ग नगर पालिक निगम के बोरसी, तकियापारा और कसारीडीह, चरोदा निगम के वार्ड इंदिरा नगर, सिरसा कला और वार्ड सोमनी संवेदनशील क्षेत्र घोषित किया गया है।

इधर भिलाई के बाद दुर्ग, चरोदा और ग्रामीण क्षेत्रों में भी डेंगू प्रभवितों की बढ़ती संख्या को देखते हुए विशेष वार्ड बनाए गए जिला अस्पताल के कॉन्फे्रंस हॉल में 10 बिस्तर और बढ़ा दिए गए हैं। अस्पताल में ५.०७ लाख रुपए की लागत से पोर्टेबल सीबीसी जांच मशीन भी इंस्टाल कर दी गई है।

डेंगू की पुष्टि के लिए एलाइजा टेस्ट के लिए भी जिला प्रशासन ने राज्य शासन से अनुमति मांगी है। निजी अस्पतालों में बेड खाली नहीं होने और मरीजों को लौटाए जाने की शिकायत के बाद जिला प्रशासन ने सोमवार को जिला अस्पातल के कॉन्फें्रस हॉल को विशेष वार्ड में बदल दिया था। पहले दिन 28 बेड लगाए गए थे। संख्या बढ़ाकर अब 38 बेड कर दिए गए हैं।

अस्पताल में सीबीसी जांच के लिए नई मशीन लगने से अब ब्लड सैंपल की जांच में तेजी आएगी। दो मशीन अस्पताल के एलसीडी क्लिनिक में लगी है जिसे सुपेला शासकीय अस्पताल और भिलाई के एक प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शिफ्ट करने की योजना है। एलाइजा टेस्ट के लिए जरूरी बुनियादी सुविधाएं भी अस्पताल में है। अगर मशीन इंस्टाल कर दी जाती है तो यहां के सीनियर टेक्नीशियन टेस्ट कर सकते हैं। इसके लिए जिला प्रशासन ने शासन को पत्र लिख दिया है।