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ससुर ने रख लिया था नाती को, दामाद पर तलाकशुदा बड़ी बेटी से शादी करने बना रहा था दबाव, पीडि़त पहुंचा कोर्ट की शरण में

पत्नी की मौत के बाद जमशेदपुर का 32 वर्षीय इंजीनियर राजदीप पाल अपने ढाई साल के बेटे नीलेश को गले लगाने के लिए डेढ़ साल से तरस रहा था।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Mar 10, 2018

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दुर्ग . पत्नी की मौत के बाद जमशेदपुर का 32 वर्षीय इंजीनियर राजदीप पाल अपने ढाई साल के बेटे नीलेश को गले लगाने के लिए डेढ़ साल से तरस रहा था। बच्चे को उसके नाना बोरसी निवासी तपन विश्वास ने से यह बोलकर रख लिया था कि बच्चा अभी छोटा है। बाद ने ससुर ने बच्चे को देने शर्तों को रखना शुरू कर दिया।

बेटे को लेने पिता कई बार जमशेदपुर से दुर्ग आया। लेकिन ससुराल वाले बहाना बनाकर लौटा देते। डेढ़ साल चक्कर लगाने के बाद न्यायालय की शरण ली। गुरुवार को सुबह अधिवक्ता के माध्यम से एसडीएम कोर्ट में आवेदन प्रस्तुत किया।

शुकवार को एसडीएम केआर भगत ने मामले की सुनवाई करते हुए दोनों पक्ष को सुनने के बाद फैसला सुनाया कि बच्चा अपने पिता के पास रहेगा। फैसला पक्ष में आते ही राजदीप ने सबसे पहले अपने ढाई साल के बेटे को गले से लगा लिया।

खुशी के कारण उसकी आंखें छलक आई। राजदीप अपने बेटे को लेने फरवरी में दुर्ग आया था। तब उसके ससुर ने यह कहते हुए लौटा दिया कि वह पोते को मार्च में दे देगा। इस पर दोनों ने बहस हुई। इस पर तपन ने इकरारनामा किया। इसके बाद उसने कुटुंब न्यायालय में राजदीप के खिलाफ परिवाद प्रस्तुत कर दिया इसकी जानकारी राजदीप को दुर्ग पर
हुई।

राजदीप की शादी बोरसी निवासी तपन विश्वास की छोटी बेटी अनामिका के साथ आठ साल पहले हुई थी। दोनों हंसी खुशी जमशेदपुर में रह रहे थे। तपन के मुताबिक दो वर्ष पहले अचानक अनामिका की तबीयत बिगड़ गई। इलाज के दौरान पता चला कि उसके गॉल ब्लेडर में स्टोन है। चिकित्सकों ने ऑपरेशन की सलाह दी थी, लेकिन अनामिका के पिता ने यह कहते हुए ऑपरेशन कराने से मना करा दिया कि वह देशी इलाज करवाएगा।

हालत बिगडऩे पर उसे अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया पर। जहां उसकी मौत हो गई। तब मासूम नीलेश सवा साल का था। इसके बाद तपन ने निलेश को यह बोलकर रख लिया कि थोड़ा बड़ा होने के बाद भेज देगा। इंजीनियर राजदीप के सुसर तपन विश्वास चाहते थे कि राजदीप उनकी बड़ी बेटी से शादी कर ले। उनकी बड़ी बेटी तलाकशुदा है।

उसका एक बेटा भी है जो माता पिता के तलाक के बाद पिता के पास रहता है। तपन की सोच थी कि उसकी बड़ी बेटी घर संभालने के साथ अपनी दिवंगत बहन के बेटे को अपनी संतान की तरह पालेगी। इसलिए वह अपने दामाद पर लगातार दबाव बनाता था। ससुर की यह शर्त राजदीप को मंजूर नहीं था। आखिर ससुर इस बात पर अड़ा रहा कि वह बच्चे को तभी देगा जब उसके घर में कोई जिम्मेदार रहे।