
दुर्ग . दुर्ग नगर निगम आयुक्त एसके सुंदरानी के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी किया है। सुंदरानी की पत्नी रश्मि इलाहाबाद में स्वयंसेवी संस्था का संचालन करती हैं। संस्था पर 28 लाख की धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज है। जानकारी के मुताबिक इस मामले में उप्र के खुलदाबाद निवासी हरीशंकर ने वर्ष २०१५ शिकायत की थी।
हाईकोर्ट ने वारंट जारी किया
इसमें निगमायुक्त सुंदरानी की पत्नी की मध्याह्न भोजन बनाने का काम करने वाली संस्था के जरिए २८ लाख की गड़बड़ी का आरोप लगाया था। जांच के बाद घुमनगंज थाना (इलाहाबाद) में एसके सुंदरानी, रश्मि समेत चार के खिलाफ कूटरचना और धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज किया गया। इसी मामले में हाईकोर्ट ने वारंट जारी किया था।
इंतजार करती रही पुलिस
इसका खुलासा शनिवार को उस वक्त हुआ जब इलाहाबाद से पुलिस वारंट लेकर दुर्ग पहुंची। सिटी कोतवाली पुलिस के मुताबिक सुंदरानी को गिरफ्तार करने इंस्पेक्टर कमलेश सिंह के नेतृत्व में चार सदस्यीय टीम आई थी। टीम में इंस्पेक्टर कमलेश सिंह स्थानीय कोतवाली थाने में आमद दर्ज कराकर यूपी पुलिस की टीम आयुक्त आवास पहुंचीं। करीब चार घंटे इंतजार के बाद टीम ने लौटकर पुलिस अधीक्षक से मुलाकात की।
निगमायुक्त के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट से मांगी मोहलत
इलाहाबाद पुलिस ने जांच के दौरान सुंदरानी को फरार बताकर अभियोग पत्र प्रस्तुत किया था। उनकी लगातार अनुपस्थिति के चलते वारंट जारी किया गया। गिरफ्तारी वारंट लेकर आई पुलिस टीम की सूचना मिलते ही सुंदरानी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम से उपस्थित होने की मोहलत मांगी। इसे स्वीकार करते हुए उन्हें 5 फरवरी को पेश होने की तारीख दी गई।
दर्ज हुआ है एफआईआर
एसपी डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि निगमायुक्त के खिलाफ इलाहाबाद में एफआईआर दर्ज है। न्यायालय ने उनके खिलाफ गैर जमानती वारंट जारी किया है। उसे तामील कराने यूपी पुलिस की टीम आई थी। आयुक्त ननि दुर्ग एसके सुंदरानी ने बताया कि एफआईआर होने की जानकारी वाट्सएम में चल रहे मैसेज से हुई। मैंने अधिवक्ता के माध्यम से हाईकोर्ट इलाहाबाद में आवेदन प्रस्तुत किया था। कोर्ट ने स्टे दिया है।
Published on:
04 Feb 2018 10:42 am
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