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नहीं निकला फार्म का प्रिंट, दर्जनों ने दो से ज्यादा बार कर दिया पेमेंट, अब काट रहे विवि के चक्कर

विवि प्रशासन ने स्वीकार किया है कि सॉफ्टवेयर में आई दिक्कत की वजह से प्रिंट आउट नहीं निकले होंगे।

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Dec 02, 2017

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भिलाई.दुर्ग विश्वविद्यालय की सेमेस्टर परीक्षा का फार्म जमा करने वाले सैकड़ों विद्यार्थी इस बात से परेशान हैं कि उन्होंने पेमेंट को कर दिया, लेकिन फार्म का प्रिंट आउट नहीं निकला। इसी तरह एक दिक्कत और भी है। ऐसे विद्यार्थी भी हैं, जिन्होंने एक बार प्रिंट नहीं निकलने की स्थिति में दोबारा या तीन बार से अधिक पेमेंट किया है। अब ऐसे विद्यार्थी विवि के चक्कर काटने को मजबूर हैं।

दसअसल, विवि ने परीक्षा फार्म जमा करने की स्थिति में अंतिम तिथि गुजर जाने के बाद भी विलंब शुल्क नहीं लिया है। यही वजह है कि आवेदन की शुरुआत में विवि को अधिक फार्म नहीं मिले, लेकिन अंतिम दिनों में वेबसाइट पर एकाएक ट्राफिक बढ़ा। इस वजह से वेबसाइट बार-बार क्रेश हुई। अधिकारियों ने बताया कि दो बार से अधिक पेमेंट वाले कई मामले सामने आए हैं।

विवि इनकी पेमेंट डिटेल लेने के बाद ही शुल्क रिफंड जैसी प्रक्रिया पूरी कर पाएगा। इसके अलावा प्रिंट आउट नहीं निकलने की समस्या को भी सुलझाया जा रहा है। विवि प्रशासन ने स्वीकार किया है कि सॉफ्टवेयर में आई दिक्कत की वजह से प्रिंट आउट नहीं निकले होंगे।

जिन विद्यार्थियों के फार्म नहीं निकले उन्हें कम से कम २४ घंटे का इंतजार करना था। इससे विवि फार्म सब्मिशन और पेमेंट की वास्तविक स्थिति का पता लगा पाता। बीते कुछ दिनों से बीएड सहित सेमेस्टर के विद्यार्थी विवि पहुंचकर अपनी शिकायत अधिकारियों को बता रहे हैं।

पहले से अधिक है फीस
दुर्ग विश्वविद्यालय अभी रविवि के मुताबिक ही परीक्षा शुल्क वसूल रहा है। सेमेस्टर परीक्षा की फीस १०७० से लेकर १४०० रुपए तक हैं। ऐसे में भी दर्जनों विद्यार्थियों ने कई बार पेमेंट किए हैं। फिलहाल विवि ने विद्यार्थियों की फीस रिफंड करने को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। बताया जा रहा है विवि ने पहले विद्यार्थियों को ऑनलाइन फार्म जमा करने की सुविधा दी थी, लेकिन कई छात्र लापरवाही के चलते फार्म जमा नहीं कर पाए।

बाद में उन्हें ऑफलाइन का विकल्प दिया गया। फार्म की अधिक संख्या को देखते हुए विवि ने इसे दोबारा से ऑनलाइन करा दिया। यही वजह रही कि विवि की एजेंसी इसे बेहतर तरह से मैनेज नहीं कर पाई। इसके चलते कई विद्यार्थियों को दो-दो नामांकन नंबर भी जारी हो गए। रजिस्ट्रार दुर्ग विवि डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि वेबसाइट पर एकाएक ट्राफिक अधिक होने से दिक्कत हुई होगी। जिन्होंने कई बार पेमेंट कर दिए हैं, उनका हल निकाला जा रहा है।

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