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देख लीजिए उच्च शिक्षा मंत्री जी DU का हाल, भुलक्कड़ विवि! दो विषयों की परीक्षा ही नहीं कराई

दुर्ग विवि बीकॉम भाग एक और दो के कंप्यूटर एप्लीकेशन की पूरक परीक्षा कराना ही भूल गया।
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दुर्ग

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Dakshi Sahu

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Updated: 16 Dec 2017, 10:24 AM IST

PATRIKA

भिलाई. दुर्ग विवि बीकॉम भाग एक और दो के कंप्यूटर एप्लीकेशन की पूरक परीक्षा कराना ही भूल गया। इसका खुलासा शुक्रवार को हुआ जब विवि प्रशासन ने अधिसूचना जारी कर कॉलेजों से ऐसे विद्यार्थियों की जानकारी मांगी। कॉलेजों को नए सिरे से विद्यार्थियों के ऑफलाइन फार्म विवि में जमा करने के निर्देश दिए।

इस गलती का शिकार सिर्फ बीकॉम में कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय के विद्यार्थी ही नहीं बल्कि पर्यावरण विषय की पूरक परीक्षा का ऑनलाइन फार्म भर चुके विद्यार्थी भी हुए हैं। पर्यावरण और कंप्यूटर एप्लीकेशन विषय को मिलाकर सात सौ से अधिक विद्यार्थी प्रभावित हुए हैं।

समय-सारिणी में कहीं जिक्र नहीं किया
डीयू प्रशासन ने २१ नवंबर को पूरक परीक्षा की समय-सारिणी घोषित की। इसमें सभी विषयों को शामिल किया गया, लेकिन बीकॉम भाग एक और दो के अतिरिक्त विषय कहे जाने वाले कंप्यूटर एप्लीकेशन का कहीं भी जिक्र नहीं किया। इसी तरह पर्यावरण की पूरक परीक्षा का टाइम-टेबल भी नहीं बनाया।

विवि ने २४ नवंबर को पूरक परीक्षा के ऑनलाइन फार्म जमा करने की सुविधा दोबारा से शुरू कराई। इस तिथि तक भी विवि ने सीए और पर्यावरण के विषयों की परीक्षा पर ध्यान नहीं दिया। पूरक परीक्षाएं एक से शुरू होकर १४ दिसंबर तक चलीं। जबकि बीकॉम भाग एक और दो के सभी पूरक विषयों की परीक्षा ७ दिसंबर को ही समाप्त हो गईं। सभी परीक्षाएं समाप्त होने के 8 दिन बाद विवि को अतिरिक्त विषयों के पेपर लेने की याद आई।

ऑनलाइन ही भरंे फार्म
हैरानी इस बात से भी है कि विद्यार्थियों के ऑनलाइन फार्म जमा करने के बाद भी विवि को तय समय तक इस मामले की जानकारी नहीं हो पाई। बाद में कॉलेजों व विद्यार्थियों की ओर से विवि प्रशासन को अवगत कराया गया, जिसके बाद अधिकारियों ने वंचित विद्यार्थियों की परीक्षा लेने का निर्णय लिया। विवि शनिवार तक पूरक के दोनों अतिरिक्त विषयों की परीक्षा का टाइम-टेबल घोषित कर सकता है।

विवि ने दिया यह तर्क
विवि प्रशासन का कहना है कि इस गलती के लिए सीधे तौर पर कॉलेज जिम्मेदार हैं। कॉलेजों से पहले ही जानकारी मांगी गई थी, लेकिन तय समय तक भी उन्होंने ध्यान नहीं दिया। पर्यावरण की परीक्षा तीन वर्षां में किसी भी साल में कराई जा सकती है। इसलिए भी यह स्थिति बनी। विवि प्रशासन ने साफ किया है कि अगले साल से इस तरह की अतिरिक्त परीक्षाओं की जानकारी कॉलेजों से पहले ही ली जाएगी।

रजिस्ट्रार दुर्ग विवि डॉ. एसके त्रिपाठी ने बताया कि हमने कॉलेजों से सात दिसंबर तक ऑफलाइन फार्म मांगे थे। कॉलेजों ने ध्यान नहीं दिया। इसलिए यह स्थिति बनी। इनकी परीक्षा जल्द करा दी जाएगी। टाइम-टेबल जारी कर रहे हैं। किसी भी विद्यार्थी को चिंतित होने की जरूरत नहीं है।