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दुर्ग जिले में मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा की जांच चुनाव आयोग करेगा

जिले में 12 लाख 86 हजार 888 मतदाता- मतदाता सूची से फर्जीनाम डिलिट करने के बाद अक्टूबर 2017 में 12 लाख 22 हजार 56 5 वोटर थे। अब यह बढ़कर 12 लाख 86 हजार 888 हो गए हैं।

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दुर्ग जिले में मतदाता सूची में फर्जीवाड़ा का जांच चुनाव आयोग करेगा

दुर्ग. जिले में एक साल में 64 हजार से अधिक नए मातदाताओं का नाम मतदाता सूची में जोड़ा गया है। इनमें से 33 हजार से ज्यादा हाल में कराए गए पुनरीक्षण के बाद जोड़े गए हैं। एक साल पहले ही 79 हजार 450 फर्जी नाम मतदाता सूची से डिलिट किए गए थे। पिछले साल अगस्त-सितंबर में मतदाताओं के घर-घर जाकर सर्वे करने के बाद ये फर्जी नाम हटाए गए थे। इसके बाद आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए मतादाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम चलाया गया। पुनरीक्षण के बाद गुरुवार को मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया गया। जिसमें ६४ हजार से अधिक नाम सूची में जोड़े जाने की जानकारी दी गई।
जिले में १२ लाख ८६ हजार ८८८ मतदाता- मतदाता सूची से फर्जीनाम डिलिट करने के बाद अक्टूबर 2017 में 12 लाख 22 हजार 56 5 वोटर थे। अब यह बढ़कर 12 लाख 86 हजार 888 हो गए हैं।

मतदाता सूची में अब भी फर्जी नाम का संदेह
जानकारों के अनुसार औसतन हर साल एक से डेढ़ फीसदी जनसंख्या में वृद्धि होती है। इसी अनुपात में मतदाता भी बढऩा चाहिए। इसके विपरीत जिले में एक साल में ५.२६ फीसदी मतदाता बढ़ गए हैं। शहरी क्षेत्रों में यह करीब 7.75त्नतक है।

सॉफ्टवेयर ने पकड़े थे फर्जी मतदाता के नाम
अगस्त 2017 में निर्वाचन आयोग ने इआरओ नेट सॉफ्टवेयर लांच किया गया। इस सॉफ्टवेयर में सभी मतदाताओं का नाम व विवरण अपलोड किए गए। इसमें सॉफ्टवेयर ने संदेहास्पद नामों को अलग कर दिया। बीएलओ को घर-घर भेजकर मतदाताओं का सत्यापन कराया। इसमें फर्जी मतदाता पकड़े गए।

पिछले पुनरीक्षण में बढ़े केवल 18 हजार नाम
इससे पहले साल की शुरुआत में भी मतदाता सूची का पुनरीक्षण कराया गया था। तब 18 हजार मतदाता बढ़े थे। यह जनसंख्या वृद्धि के अनुपात में सामान्य थी। इस बार 33 हजार 977 नाम जुड़ गए हैं। शेष नाम सामान्य क्रम में जुड़वाए गए हैं।

21474 फर्जी नाम हटाए थे वैशालीनगर से वहीं सबसे अधिक १५९७७ नए नाम जोड़े
पिछली बार वैशाली नगर विधानसभा में सर्वाधिक 21 हजार 474 फर्जी मतदाता मिले थे। सूची से फर्जी नामों को डिलिट किया गया। पिछले एक साल में यहीं सबसे ज्यादा १५ हजार ९७७ नाम जुड़वाए गए हैं। इसके अलावा भिलाई नगर में 16 हजार 56 6 और दुर्ग शहर में 10 हजार 26 9 फर्जी नाम पाए गए थे। अब भिलाई में ९ हजार ६०६ और दुर्ग शहर में 10 हजार ४१८ नाम जोड़े गए हैं।

मतदाता सूची में बरती लापरवाही दुर्ग तहसीलदार को किया निलंबित
मतदाता सूची के पुनरीक्षण कार्य में लापरवाही बरतने पर दुर्ग तहसीलदार अमित सिन्हा को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में तहसीलदार कलक्टोरेट में अटैच रहेंगे। तहसीलदार अमित सिन्हा पर पुनरीक्षण कार्य के दौरान सहायक अधिकारी के रूप में ग्रामीण क्षेत्र में मतदान केंद्रों में व्यवस्था से लेकर मातहत बीएलओ से दावा-आपत्ति लेने व डॉटा एन्ट्री तक संपूर्ण कार्यों की जिम्मेदारी थी, लेकिन उन्होंने काम पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया। अफसरों की जांच में उनके क्षेत्र के मतदान केंद्रों को लेकर कई शिकायतें मिली। इस पर कलक्टर उमेश अग्रवाल ने तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाईकी अनुशंसा की थी। इस पर संभाग आयुक्त ने अलग से मामले की जांच कराई। लापरवाही प्रमाणित होने पर छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण नियम 196 5) के नियम-3 के विरूद्ध मानते हुए छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत तहसीलदार अमित सिन्हा को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया।

फर्जीवाड़ा के संदेह पर चुनाव आयोग भी करेगा सोशल ऑडिट
मतदाता सूची में फर्जी नाम जोड़े जाने की शिकायत चुनाव आयोग में भी हुई है। चुनाव आयोग मतदाता सूची की सोशल ऑडिट करेगा। इसके लिए निर्वाचन आयोग दिल्ली की दो सदस्यीय टीम आने वाली है। टीम में दिलीप कुमार महतो एसओ और मोनिका यादव एएसओ शामिल हैं। टीम के सदस्य यहां मतदाता सूची,मतदान केन्द्र, स्वीप गतिविधियां, इवीएम मशीनों के भंडारण और निर्वाचन प्रशिक्षण आदि का निरीक्षण करेंगे।

कोई गड़बड़ी लगती है तो शिकायत भी कर सकेंगे

उप जिला निर्वाचन अधिकारी बीबी पंचभाई ने बताया कि मतदाता सूची का अंतिम प्रकाशन किया है। सूची में नाम जोडऩे पर पूरी पारदर्शिता बरती गई है। मतदाता सूची सात दिनों तक मतदान केंद्रों में रखा जाएगा। कोई भी अवलोकन कर सकेंगे। इसमें कोई गड़बड़ी लगती है तो इसकी शिकायत भी कर सकेंगे।