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मुख्यमंत्री भूूपेश के गृहजिले में बेमौत मरेंगे गरीब मरीज, पांच सौ बिस्तर जिला अस्पताल की ICU को किया बंद

प्रदेश का सबसे बड़ा व पहला मॉडल जिला अस्पताल (Durg District hospital) का आइसीयू (ICU) अब नहीं रहा। प्रदेश का यह पहला जिला अस्पताल है जहां आइसीयू कोखत्म कर दिया गया है। (Durg news)

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दुर्ग

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Dakshi Sahu

Jul 03, 2019

CM Bhupesh baghel

मुख्यमंत्री भूूपेश के गृहजिले में बेमौत मरेंगे गरीब मरीज, पांच सौ बिस्तर जिला अस्पताल की ICU को किया बंद

दुर्ग. प्रदेश का सबसे बड़ा व पहला मॉडल जिला अस्पताल (Durg District hospital) का आइसीयू(ICU) अब नहीं रहा। प्रदेश का यह पहला जिला अस्पताल है जहां आइसीयू कोखत्म कर दिया गया है। गंभीर मरीजों के लिए पांच सौ बिस्तर के इस अस्पताल में कोई जगह नहीं है। आइसीयू(ICU) के नाम पर मिलने वाली मामूली सुविधाएं भी मरीजों को अब नहीं मिलेगी। अस्पताल प्रबंधन ने आइसीयू यूनिट(ICU) को वीआइपी जनरल वार्ड बना दिया है। (Durg news)

आइसीयू को बनाया वीआईपी जनरल वार्ड
आइसीयू यूनिट(ICU) को अब वीआइपी जनरल वार्ड बना दिया गया है। अगर कोई वीआइपी अस्पताल पहुंचता हो उन्हें के जुअल्टी की जगह इसी यूनिट में रखा जाएगा। इसके अलावा डॉयलिसिस कराने वाले मरीज की संख्या अधिक हो जाती है तो कुछ देर के लिए मरीज को इसी यूनिट में कुछ घंटो के लिए भर्ती किया जाएगा। (Durg news)

यहां लगे छह एसी, स्टाफ करता है भोजन, डॉक्टर फरमाते हैं आराम
आइसीयू(ICU) में 20 बेड है और 6 एसी लगा है। आमतौर पर यह यूनिट खाली ही रहता था। डॉक्टर इसका उपयोग आराम करने के लिए भी करते थे। मरीज नहीं होने पर अस्पताल के कर्मचारी यहीं बैठ लंच करते थे। इस बात को दबी जुबान से कर्मचारी खुद स्वीकार करते हैं।

शो पीस की तरह रखी हैं दो वेंटीलेटर मशीन
नाम्र्स के हिसाब से आइसीयू(ICU) के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार किया गया। इसके बाद शासन ने दुर्ग जिला अस्पताल के आइसीयू के लिए 3 अत्याधुनिक वेंटीलेटर मशीनें दी। मशीन तब से जिला अस्पताल में रखी हैं। बाद में उपयोग नहीं होने से एक मशीन को अंबिकापुर शिफ्ट कर दिया। दो वेेंटीलेटर शो पीस की तरह रखी हुई है।

बीमार था इसलिए बंद
गंभीर मरीजों के लिए 20 बिस्तर का आइसीयू यूनिट तैयार किया था। यहां संसाधन का शुरू से ही आभार रहा।
आइसीयू के लिए विशेषज्ञ चिकित्सक नहीं है। मरीज अगर रखे भी जाएं तो गहन चिकित्सा नहीं मिलेगी।
आधुनिक मशीनें हैं पर उसे ऑपरेट करने वाले नहीं है। कई मशीन को इसी वजह से स्टाल नहीं किया गया।

जो हायर सेंटर नहीं जा पाते उन्हें रखते थे
आइसीयू(ICU) में ऐसे मरीजों को रखा जाता था जिनकी माली हालत बेहद खराब है और वे अन्य सर्वसुविधायुक्त या फिर मेकाहारा के आइसीयू तक पहुंचने का सामथ्र्य नहीं रखते थे। तब इस वार्ड में सामान्य व्यक्तियों का प्रवेश एहतियात के तौर पर वर्जित रखा गया था। स्टाफ नर्स और डॉक्टर गंभीर मरीजों को कथित तौर पर निगरानी में रखते थे।

हार्टकेयर यूनिट बनाने मिले 2 करोड़ बेकार
प्रदेश के सबसे बड़े जिला अस्पताल (Durg District hospital) में अत्याधुनिक आइसीयू(ICU) और हार्टकेयर यूनिट बनाने शासन ने 2 करोड़ स्वीकृत किया है। जिला स्तर पर टेंडर निकाला गया। टेंडर में स्पष्ट निर्देश था कि यूनिट को विशेषज्ञ के मार्गदर्शन में तैयार करना है। विशेषज्ञ के अभाव होने के कारण किसी एजेंसी ने टेंडर भरने में रुचि नहीं दिखाई। स्वास्थ्य सचिव निहारिका बारीक ने कहा कि दुर्ग जिला अस्पताल के आइसीयू को बंद करने के बारे में मुझे कोई जानकारी नहीं है। किसने कहा कि मैंने आइसीयू बंद करवाया। आइसीयू(ICU) के बंद करने का मैंने कोई आदेश नहीं दिया है।

सिविल सर्जन डॉ. केेके जैन ने बताया कि आइसीयू(ICU) के लिए संसाधन का अभाव है। विशेषज्ञ नहीं है। कई बार मरीज के परिजनों से आइसीयू में सुविधाएं नहीं होने की बात पर विवाद भी होता है। इस समस्या को स्वास्थ्य सचिव के समक्ष रखा था। लंबी चर्चा हुई। उनके निर्देश पर हमने आइसीयू नाम को अस्पताल से पृथक कर दिया है। जो आईसीयू संचालित था उसे जनरल वार्ड के रुप होगा। (Durg news)

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