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मॉडगेज जमीन को जेल के भीतर से गैंगस्टर ने करा ली अपने नाम रजिस्ट्री, 20 लाख की उगाही भी

महादेव महार व कन्हैया यादव बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी गैंगस्टर तपन सरकार जेल के भीतर से उगाही का गैंग चला रहा है।

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Durg crime

मॉडगेज जमीन को जेल के भीतर से गैंगस्टर ने करा ली अपने नाम रजिस्ट्री, 20 लाख की उगाही भी

दुर्ग. महादेव महार व कन्हैया यादव बहुचर्चित हत्याकांड के आरोपी गैंगस्टर तपन सरकार जेल के भीतर से उगाही का गैंग चला रहा है। उसने जेल में रहते हुए यश गु्रप के उस जमीन को नए सिरे से एग्रीमेंट कराया है जिसे शासन ने पहले से ही बंधक बनाया है। खास बात यह है कि जिस जमीन कारोबारी के नाम से जमीन को एग्रीमेंट किया है उसी से २५ लाख की उगाही भी की। इन दोनों ही मामले में जमीन कारोबारी ने सुपेला और दुर्ग सिटी कोतवाली में एफआईआर कराया है।

सुपेला थाना में धोखाधड़ी की धारा 420 के तहत अपराध दर्ज

जमीन कारोबारी पद्मनाभपुर निवासी सतीश चंद्राकर की शिकायत पर पुलिस ने तपन सरकार व उसके साथियों के खिलाफ सुपेला थाना में धोखाधड़ी की धारा ४२० के तहत अपराध दर्ज किया है। वहीं दुर्ग सिटी कोतवाली पुलिस ने भी उसके साथी शैलेष तिवारी व अनुराग उर्फ अन्नू दुबे के खिलाफ उगाही की धारा ३८४ के तहत अपराध दर्ज किया है। सुपेला पुलिस ने मामले में आरोपी की धरपकड़ भी शुरू कर दी है। बुधवार को आरोपी लाल बाहदुर वर्मा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। जहां से उसे जेल दाखिल करा दिया गया।

सुपेला थाना में यह मामला
जमीन कारोबारी ने पुलिस को जानकारी दी है कि तपन ने यश गु्रप के अमित श्रीवास्तव, नितिन श्रीवास्त, लाल बहादुर वर्मा, अन्नू उर्फ अनुराग दुबे, शैलष तिवारी, गोपाल उर्फ टकला, रणजीत राणे ने षडय़ंत्र कर ऐसे जमीन का नए सिरे से एग्रीमेंट किया है जिस जमीन को शासन ने पहले ही सीज कर रखा है। पीडि़त ने खुलासा किया है कि दबावपूर्वक एक एग्रीमेंट में उसका नाम है। प्रार्थी ने खुलासा किया है कि एग्रीमेंट की मूल कॉपी उसके पास है। साथ दो अन्य एग्रीमेंट अन्य आरोपी के पास है। उक्त जमीन का एग्रीमेंट पहले नजीर व सागरमल जैन के साथ यश ग्रुप के डायरेक्टर ने किया था। जमीन तीन अलग अलग खसरा नबंर की है। जिसकी कीमत लगभग छह करोड़ रुपए बताई गई है।

दुर्ग थाना का मामला
पद्मनाभपुर निवासी प्रार्थी ने खुलासा किया है कि जमीन कारोबार के सिलसिले में उसकी मुलाकात पहले अनुराग व शैलेष तिवारी से हुई। उसके माध्यम से ही तपन से परिचय हुआ। इन दोनों ने जेल में निरुद्ध तपन से मोबाइल पर बात कराकर यह कहते हुए उगाही की हाईकोर्ट से जमानत कराना है। अगर वह २५ लाख की व्यवस्था नहीं करेगा तो उसका पूरा कारोबार चौपट कर दिया जाएगा। इस धमकी के बाद उसने अन्नू के बैंक एकाउंट आईसीआई बैंक, ग्रामीण बैंक, बैंक ऑफ इंडिया में चेक व आरटीजीएस के माध्यम से २० लाख से अधिक राशि जमा कर चुका है।

रायपुर से लाया गया स्टांप
प्रार्थी का कहना है कि तपन के कहने पर ही रणजीत राणे ने रायपुर से बैक डेट पर स्टांप की व्यवस्था की है। स्टांप लाने के बाद जेल में निरुद्ध तपन को दिया गया। इसके बाद जेल के भीतर ही स्टांप में लिखा पढ़ी की गई। पीडि़त का कहना है कि स्टांप का मेटर तैयार कर उसे शैलेष व अनुराग को दिया गया।

जाने किस स्टाप पर किस व्यक्ति का एग्रीमेंट किया गया
१. एफ ०१७३३५-सतीश चंद्राकर
२. एफ ०१५१२३-महेन्द्र वर्मा
३. एफ ०१७३३३-लाल बहादुर वर्मा
तपन ने बात करने इस नंबर का किया है उपयोग
१. ९३४०६०५९५७
२. ८८८९३९६८०९
३. ९३४०६१९६१५
४. ९३९९८४४८९३

धोखाधड़ी और उगाही की धारा के तहत जुर्म दर्ज
एएसपी शहर विजय पाण्डेय ने बताया कि जमीन कारोबार की शिकायत पर दो अपराध दर्ज किया है। दोनों अपराध में तपन व उसके करीबी साथी को आरोपी बनाया है। सुपेला थाना में धोखाधड़ी की धारा के तहत और दुर्ग सिटी कोतवाली में उगाही करने की धारा के तहत एफआईआर किया गया है। एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। मामले में जांच चल रही है।

मामले की जांच पुलिस कर रही
योगेश क्षत्रिय जेल अधीक्षक दुर्ग ने बताया कि अगर मामले में पुलिस ने एफआईआर कर जांच कर रही है। पुलिस की जांच अभी प्रारंभिक स्तर पर है। जांच पूरी होने के बाद ही वास्तविक तथ्य सामने आएगा। अगर प्रमाणित होता है तो जेल मैनुअल के हिसाब से जो भी कार्रवाई होगी की जाएगी।