
कलक्टर डेंगू नियंत्रण में बिजी रहे, टीएल नहीं हुए तो अफसरों ने भी नहीं किया आवेदनों का निराकरण
दुर्ग@Patrika. डेंगू नियंत्रण अभियान के चलते पिछले दो माह से जिला प्रशासन की टीएल बैठक स्थगित रही। इसका जिला प्रशासन के अधिकारियों ने भी भरपूर फायदा उठाया और इसी भी किसी भी आवेदन का निराकरण नहीं किया। इसका खुलासा मंगलवार को दो माह बाद हुए टीएल के बैठक में हुआ। इस पर कलक्टर ने जमकर नाराजगी जाहिर की और एक माह से अधिक पेंडिंग पर अफसरों को शो-कॉज नोटिस थमाया। इसके अलावा उन्होंने अफसरों के वेतनवृद्धि रोकने की अनुशंसा की भी चेतावनी दी।
अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश
कलक्टर उमेश अग्रवाल ने टीएल की बैठक में समय-सीमा के अलावा जनसंवाद और निर्वाचन कार्यों की जानकारी ली। इस दौरान नगरीय निकायों और जनपद पंचायत में समय-सीमा प्रकरणों के आवेदन महीनों से लंबित पाए गए। इस पर कलक्टर ने एक माह से अधिक के लंबित आवेदनों के लिए संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस देने के निर्देश दिए। इसी प्रकार जनसंवाद में प्राप्त आवेदनों के निराकरण नहीं होने और मुख्यमंत्री स्वेच्छानुदान प्रकरण लंबित होने पर संबंधित अधिकारियों का वेतनवृद्धि रोकने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना और मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना अंतर्गत स्मार्ट कार्ड बनाने के कार्य की धीमी गति पर भी नाराजगी जताई।
चुनाव की तैयारी में भी पिछड़ा जिला
बैठक में कलक्टर ने चुनाव की तैयारियों की भी समीक्षा की। इसमें कई कार्यों में अन्य जिलों की तुलना में पिछड़ जाने की स्थिति पाई गई। कलक्टर ने इस पर भी नाराजगी जाहिर की। उन्होंने मतदान केंद्रों की जांच के साथ जिन केंद्रों में दो दरवाजे नहीं है, उनकी सूची प्रस्तुत करने कहा।
एक अक्टूबर को पाटन आएंगे सीएम
बैठक में बताया गया कि विकास यात्रा के द्वितीय चरण में एक अक्टूबर को मुख्यमंत्री पाटन आएंगे। कलक्टर ने अफसरों को इसके लिए भी तैयारी करने के लिए कहा। बैठक में एडीएम संजय अग्रवाल, अपर कलक्टर एसएन मोटवानी भी मौजूद थे।
Updated on:
26 Sep 2018, 12:11 AM IST
Published on:
26 Sep 2018, 12:11 AM IST
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